चतरा: मनरेगा योजना में गड़बड़ी करने पर बड़ी कार्रवाई, परियोजना पदाधिकारी समेत 14 को नौकरी से निकाला
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चतरा: मनरेगा योजना में गड़बड़ी करने पर बड़ी कार्रवाई, परियोजना पदाधिकारी समेत 14 को नौकरी से निकाला
चतरा डीसी ने मनरेगा योजना में गड़बड़ी करने वालों पर बड़ी कार्रवाई की है (फाइल फोटो)

MNREGA Scam in Chatra: ग्रामीण विकास विभाग ने आरोपी कर्मचारियों, अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों से योजना राशि 12% ब्याज के साथ वसूलने का निर्देश दिया है.

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चतरा. जिले में मनरेगा योजनाओं (MNREGA) में हुई गड़बड़ियों को लेकर उपायुक्त जितेंद्र कुमार सिंह ने मामले में संलिप्त अधिकारियों व कर्मियों के विरुद्ध बड़ी कार्रवाई की है. डीसी ने मनरेगा की योजनाओं में अनियमितता बरतने के आरोप में परियोजना पदाधिकारी फणीन्द्र गुप्ता समेत 14 संविदाकर्मियों का अनुबंध रद्द करते हुए उन्हें नौकरी से बर्खास्त (Sacked from Jobs) कर दिया. मनरेगा योजना में गड़बड़ी करने वाले अधिकारियों और अनुबंध कर्मियों पर डीसी द्वारा की गई इस बड़ी कार्रवाई से जिले में हड़कंप मच गया.

इन पर हुई कार्रवाई 

डीसी ने जिनके उपर कार्रवाई की है, उनमें जिला ग्रामीण विकास अभिकरण के परियोजना पदाधिकारी फर्नींद्र गुप्ता के अलावा प्रतापपुर प्रखंड के कार्यक्रम पदाधिकारी, सहायक अभियंता, कनीय अभियंता व रोजगार सेवक का नाम शामिल हैं. यह कार्रवाई ग्रामीण विकास विभाग द्वारा दिए गए निर्देश के आलोक में की गई है. जिनका अनुबंध रद किया गया है, उनमें परियोजना पदाधिकारी के अलावा सहायक अभियंता रंजीत कुमार, प्रतापपुर के तत्कालीन प्रखंड कार्यक्रम पदाधिकारी घनश्याम कुजूर, राजेश्वर कुमार एवं वर्तमान कार्यक्रम पदाधिकारी विनोद कुमार गुप्ता, कनीय अभियंता चंद्रशेखर मेहता, शिवशंकर, प्रियरंजन राहुल और रोजगार सेवक अजहर, सुनील दास, मुसाफिर यादव, संतन दास एवं मनोज कुमार यादव शामिल हैं.



40 सड़कों के गायब होने का मामला



गौरतलब है कि वित्तीय वर्ष 2013-14 में मनरेगा योजना के तहत प्रतापपुर प्रखंड में बने 40 सड़कों के गायब होने का मामला सांसद सुनील सिंह ने दिशा की बैठक में उठाया था. जिसके बाद ग्रामीण विकास विभाग के सचिव ने मनरेगा के अपर आयुक्त मनीष तिवारी के नेतृत्व में एक जांच कमेटी गठित कर सड़कों की जांच के लिए प्रतापपुर भेजा था. इसी कमेटी की जांच रिपोर्ट के आधार पर ग्रामीण विकास विभाग के सचिव ने उपायुक्त जितेंद्र कुमार सिंह को मामले में संलिप्त तत्कालीन बीडीओ व पीओ समेत तमाम अधिकारियों, कर्मियों और जनप्रतिनिधियों के विरुद्ध गबन की प्राथमिकी दर्ज कराते हुए अनुबंधकर्मियों का अनुबंध रद्द करने और बीडीओ समेत अन्य सरकारी कर्मियों के विरुद्ध प्रपत्र गठित करने का निर्देश दिया था. जिसके बाद डीसी ने कार्रवाई की है. ग्रामीण विकास सचिव ने आरोपी कर्मचारियों, अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों से योजना राशि 12% ब्याज के साथ भी वसूलने का निर्देश दिया है.

रिपोर्ट- सूर्यकांत

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First published: June 4, 2020, 7:57 AM IST
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