चतरा में NTPC का काम ठप, संविदाकर्मियों ने अपनी मांगों को लेकर काटा बवाल

संविदाकर्मियों ने आगे आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी है.

संविदाकर्मियों ने आगे आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी है.

Chatra News: विस्थापितों ने मुआवजा बढ़ाने समेत छह सूत्री मांगों को लेकर एनटीपीसी का काम बंद करा दिया है. इससे बौखलाए एनटीपीसी प्रबंधन ने संविदाकर्मियों को काम पर आने से रोक दिया है.

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चतरा. झारखंड के चतरा जिले में टंडवा एनटीपीसी (NTPC) परियोजना परिसर के समीप स्थानीय यूपीएल संविदाकर्मियों ने जमकर हंगामा किया. ये लोग काम करने से रोके जाने से नाराज हैं. सीआईएसएफ अधिकारियों और एनटीपीसीकर्मियों ने इन्हें कार्यालय परिसर में प्रवेश करने से रोका, जिसके बाद मौके पर ही संविदाकर्मियों ने बवाल काटना शुरू कर दिया. प्रदर्शनकारियों ने एनटीपीसी प्रबंधन पर उनके भविष्य से खिलवाड़ करने और मानसिक रूप से प्रताड़ित करने का आरोप लगाया.

प्रदर्शनकारी एनटीपीसी परियोजना के विस्थापित 6 गांव के भू-रैयत हैं. इन्होंने आंदोलन की चेतावनी दी है. इस बीच छह सूत्री मांगों को लेकर एनटीपीसी कार्यकारी निदेशक को आवेदन दिया है.

दरअसल विस्थापितों ने मुआवजा बढ़ाने समेत छह सूत्री मांगों को लेकर एनटीपीसी का काम बंद करा दिया है. इससे बौखलाए एनटीपीसी प्रबंधन ने प्रभावित गांव के संविदाकर्मियों को काम पर नहीं आने का फरमान जारी कर दिया. हालांकि एनटीपीसी प्रबंधन इस आरोप को बेबुनियाद बताते हुए कहा कि संविदाकर्मियों को काम से हटाया नहीं गया है. सिर्फ आंदोलन तक काम पर नहीं आने की बात कही गई है. हालांकि इस मामले में कोई भी अधिकारी खुलकर बोलने से कतराते नजर आए.

ये है मांग
संविदाकर्मियों की मांग है कि उन्हें 28 फरवरी 2021 से नियमित मानदेय का भुगतान हो, सभी सहायककर्मियों को थर्ड पार्टी कॉन्ट्रेक्ट से हटाकर यूपीएल में स्थनांतरित करने और सभी संविदाकर्मियों को मेडिकल सुविधा समेत हर माह चिकित्सीय जांच कराने की सुविधा मिले.

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