नक्सल प्रभावित चतरा के ग्रामीण आदिवासी बच्चों को अब दी जा रही हाईटेक एजूकेशन

डीसी ने बताया कि चतरा जिला के सिमरिया एवं टंडवा प्रखंड के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों को माडर्न प्ले स्कूल बनाया जाएगा. इसके अलावा सभी पंचायत मुख्यालय में भी एक-एक आंगनाबाड़ी केन्द्र माडल के रुप में विकसित किया जाएगा.

santosh | News18 Jharkhand
Updated: March 19, 2019, 5:58 PM IST
नक्सल प्रभावित चतरा के ग्रामीण आदिवासी बच्चों को अब दी जा रही हाईटेक एजूकेशन
डीसी ने बताया कि चतरा जिला के सिमरिया एवं टंडवा प्रखंड के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों को माडर्न प्ले स्कूल बनाया जाएगा. इसके अलावा सभी पंचायत मुख्यालय में भी एक-एक आंगनाबाड़ी केन्द्र माडल के रुप में विकसित किया जाएगा.
santosh | News18 Jharkhand
Updated: March 19, 2019, 5:58 PM IST
मॉडल आंगनबाड़ी यानि हाईटेक प्ले स्कूल


कभी नक्सलवादियों की शरणस्थली के रुप में चर्चित चतरा जिला के जंगल व पहाड़ों के बीच रहने वाले बच्चों को अब हाईटेक शिक्षा दी जा रही है. धूल-धुएं से अटे आंगनबाड़ी केंद्र अब गुजरे जमाने की बात हो गई है. यहां अब अब उनका स्थान हाईटेक प्ले स्कूल ले चुके हैं. इनमें टीवी, ऑडियो-वीडियो, कार्टून के सहारे शिक्षा दी जा रही है. डीसी जितेन्द्र कुमार सिंह का कहना है कि बच्चों के सर्वांगीण विकास से ही समाज का विकास होता है. जिस प्रकार का माहौल-सुविधा इनको दी जा रही है तो उसका सार्थक असर भी दिखेगा.

आंगनबाड़ी केंद्रों से माडर्न प्ले स्कूल में परिवर्तन के बाद आधुनिक क्लासरूम जिसमें डिजीटल बोर्ड और टीवी


डीसी ने बताया कि चतरा जिला के सिमरिया एवं टंडवा प्रखंड के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों को माडर्न प्ले स्कूल बनाया जाएगा. इसके अलावा सभी पंचायत मुख्यालय में भी एक-एक आंगनाबाड़ी केन्द्र माडल के रुप में विकसित किया जाएगा. फिलहाल क्षेत्र में 40 प्ले स्कूल चल रहे हैं.चतरा जिला में विकास की नई पौध तैयार की जा रही है. नक्सलियों की आहट और जंगली जानवरों के साये में जीने वाले बच्चों को भी ऐसी शिक्षा दी जा रही है जो शायद किसी ने सपने में सोचा नहीं होगा.

हाईटेक प्ले स्कूल में खेलकूद-मस्ती का तमाम सामान मौजूद है.


जिला प्रशासन के प्रयास से जिला परिषद ने पूरे काम को अंजाम दिया है. इन आंगनबाड़ी केंद्रों को अब माडर्न प्ले स्कूल कहा जाता है. इनमें आडियो-वीडियो के सहारे बच्चों को शिक्षा दी जा रही है. खेलने के लिए सभी उपकरण, कार्टून फिल्म के सहारे शिक्षा भी दी जाती है. इसके अलावा आर-ओ वाटर, सोलर लाइट, खेल के आधुनिक उपकरण आदि से आंगनबाड़ी केन्द्रों को सुसज्जित किया गया है.

टीवी पर डिस्पले में मनोरंजक ढंग से पढ़ाए जा रहे हैं तमाम विषय

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सरकार के प्रयास से गांव के सभी वर्गों में खुशी है. आंगनबाड़ी केंद्र सह प्ले स्कूल की सेविका तारामणि का कहना है कि सरकार ने एक ऐसा कदम उठाया है, जिससे गांव के बच्चों को अब शहरों के बच्चों जैसी सुविधा मिल जा रही है. बच्चों में भी सीखने के प्रति ललक काफी बढ़ी है. उन्होंने बताया कि आने वाले समय में इसका दूरगामी असर पड़ेगा.

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First published: March 19, 2019, 5:58 PM IST
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