Lok Sabha Election 2019: उत्तरी छोटानागपुर के 'प्रवेश द्वार' पर किसका होगा कब्जा?

चतरा संसदीय क्षेत्र के तीनों जिले घोर नक्सल प्रभावित हैं. इन तीनों जिलों के 95 प्रतिशत मतदान केंद्र अतिसंवेदनशील हैं.

News18 Jharkhand
Updated: May 13, 2019, 11:58 AM IST
Lok Sabha Election 2019: उत्तरी छोटानागपुर के 'प्रवेश द्वार' पर किसका होगा कब्जा?
चतरा का मां भद्रकाली मंदिर
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Updated: May 13, 2019, 11:58 AM IST
क्या एक बार फिर चतरा में कमल खिल पाएगा. चतरा के 14,22,805 मतदाता आज ये तय कर देंगे. नक्सल प्रभावित चतरा में लोकसभा चुनाव के मद्देनजर आज वोटिंग हो रही है. यहां वैसे तो 24 प्रत्याशी मैदान में हैं. लेकिन मुख्य मुकाबला बीजेपी के सुनील सिंह, कांग्रेस के मनोज यादव और आरजेडी के सुभाष यादव में है. यहां त्रिकोणीय संघर्ष की स्थिति है. सुनील सिंह यहां से पिछली बार सांसद रह चुके हैं. खराब रिपोर्ट के बावजूद बीजेपी ने देर से ही सही एक बार फिर उनपर भरोसा जताया है. चुनावी सभाओं में सुनील सिंह अपनी गलती स्वीकारते हुए आगे ऐसा नहीं करने का जनता से वादा कर चुके हैं. दूसरी ओर महागठबंधन में यहां फ्रेंडली फाइट है. कांग्रेस को यह सीट मिली थी, इसके बावजूद आरजेडी ने भी अपना प्रत्याशी उतार दिया.

तीन धर्मों का संगम स्थल है चतरा 

चतरा उत्तरी छोटानागपुर का प्रवेश द्वार माना जाता है. पठारों और वनों से घिरे चतरा को प्रकृति ने बेहद खूबसूरत बनाया है. प्राचीन काल से चतरा धार्मिक सहिष्णुता का केन्द्र रहा है. यहां सभी धर्मे के लोग साथ मिलकर रहते हैं. हंटरगंज और ईटखोरी में शक्ति पीठ हैं. प्रतापपुर और चतरा में मुस्लिम तीर्थस्थल हैं. ईटखोरी के भद्रकाली मंदिर में हर साल लाखों श्रद्धालु आते हैं. पालवंश के राजा ने इस मंदिर की स्थापना करायी थी. ईटखोरी का मां भद्रकाली मंदिर परिसर तीन धर्मों का संगम स्थल है. सनातन, बौद्ध और जैन धर्म का यहां समागम हुआ है.

घोर नक्सल प्रभावित क्षेत्र है चतरा

1991 में जिला बने चतरा नक्सलवाद से प्रभावित है. चतरा लोकसभा क्षेत्र तीन जिलों में फैला हुआ है. चतरा जिले का सिमरिया और चतरा, लातेहार का मनिका और लातेहार और पलामू का पांकी विधानसभा क्षेत्र चतरा लोकसभा सीट के अंतर्गत आते हैं. चतरा संसदीय क्षेत्र के तीनों जिले घोर नक्सल प्रभावित हैं. इन तीनों जिलों के 95 प्रतिशत मतदान केंद्र अतिसंवेदनशील हैं. सालों से नक्सलवाद के जबड़े में फंसे रहने के कारण चतरा का ज्यादा विकास नहीं हो पाया है. सड़क, शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं की स्थिति ठीक नहीं है.

अबतक रेल से नहीं जुड़ा है यह क्षेत्र

हालांकि सत्ताधारी दल बीजेपी के नेताओं का कहना है कि सांसद ने पांच साल के कार्यकाल में विकास के कई काम किए हैं. उन कामों के आधार पर एक बार फिर चतरा में कमल खिलेगा. वहीं विपक्ष के नेता इस दावे को खारिज कर रहे हैं. आरजेडी जहां चतरा को रेल लाइन से नहीं जोड़ पाने को लेकर सवाल उठा रहा है, तो वहीं कांग्रेस शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं की बदहाली को मुद्दा बना रही है. रेल से जोड़ने के सवाल पर बीजेपी नेताओं का कहना है कि सांसद ने अपनी ओर से ईमानदार कोशिश की गई. उसमें सफलता भी मिली हैं. जल्द चतरावासियों की सालों पुरानी यह मांग पूरी हो जाएगी. हालांकि यहां के किसानों का कहना है कि वे परेशान हैं, क्योंकि उनके लिए कोई सहूलियत नहीं है. आज की तारीख में फसल का लगात वसूल पाना मुश्किल हो गया है. युवा क्षेत्र में शिक्षा की स्थिति में सुधार की मांग कर रहे हैं. युवाओं का कहना है कि वे इस बार उसे ही वोट देंगे, जो क्षेत्र के विकास के लिए उन्हें ठीक लगेगा. जबकि कुछ लोग मौजूदा केन्द्र सरकार की नीतियों को ठीक बता रहे हैं.
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2014 में पहली बार सांसद बने सुनील सिंह

चतरा लोकसभा क्षेत्र में विकास मुख्य चुनावी मुद्दा है. नक्सलवाद के कारण इस इलाके का उतना विकास नहीं हुआ, जितना राज्य के दूसरे हिस्सों का हुआ. 2014 में यहां से बीेजेपी के सुनील सिंह जीते. सुनील कुमार सिंह को 2,95,862 वोट मिले थे, दूसरे स्थान पर कांग्रेस के धीरज प्रसाद साहू को 1,17,836 वोट प्राप्त हुए थे. सीटिंग सांसद सुनील सिंह का दावा है कि उन्होंने 1474 में से 1300 गांवों में बिजली पहुंचा दी. चतरा में 5 सब स्टेशनों का निर्माण कराया. गांवों को प्रखंड मुख्यालय से जोड़ा. सीसीएल की मगध और आम्रपाली योजना शुरू करवाई. टंडवा में NTPC की परियोजना शुरू हुई. दर्जनभर सड़क परियोजनाओं को स्वीकृति मिली हुई है. सिमरिया में केन्द्रीय विद्यायल बन रहा है. इसके अलावा पांकी में इंजीनियरिंग कॉलेज खुल गया है. कौशल विकास केन्द्र की मदद से युवाओं और महिलाओं को रोजगार मिल रहे हैं. मां भद्रकाली मंदिर के विकास के लिए 500 करोड़ रुपये का मास्टर प्लान तैयार है.

29 अप्रैल को मतदान

2014 में पहली बार लोकसभा पहुंचे सुनील कुमार सिंह की पिछले पांच साल में सदन में उपस्थिति 90 फीसदी रही. उन्होंने सदन के 117 बहस में हिस्सा लिया. 608 सवाल भी पूछे. बहस के दौरान इन्होंने बरवाडीह- चिरमिरी रेल लाइन का भी मुद्दा उठाया. मेडिकल कॉलेज खोलने की भी मांग सदन रखी. चतरा सीट पर 29 अप्रैल को वोट डाले जाएंगे. देखना है जनता बीजेपी और सांसद के दावों को तस्दीक करती है या ठुकराती है.

रिपोर्ट- अजयलाल

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First published: April 29, 2019, 2:41 AM IST
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