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देवघर: प्यासे रह गये गांववाले! 36 ग्रामीण पेयजल योजनाएं साबित हुईं फ्लॉप
Deoghar News in Hindi

News18 Jharkhand
Updated: January 27, 2020, 1:35 PM IST
देवघर: प्यासे रह गये गांववाले! 36 ग्रामीण पेयजल योजनाएं साबित हुईं फ्लॉप
देवघर में ग्रामीण क्षेत्रों में पानी पहुंचाने की 36 योजनाएं फेल साबित हो गईं

जिले के पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के कार्यपालक अभियंता आनंद कुमार सिंह का कहना है कि इन योजनाओं की नाकामी के लिए ग्राम पेयजल एवं स्वच्छता समिति जिम्मेवार हैं.

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देवघर. जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में पाइपलाइन के जरिये पेयजल (Drinking Water Schemes) पहुंचाने के नाम पर करोड़ों रुपये खर्च कर दिये लगे. लेकिन इनमें से अधिकांश योजनाएं फ्लॉप (Flop) साबित हो गई हैं. ग्रामीणों में इस बात को लेकर निराशा है. विभाग की माने तो ऐसी 36 योजनाएं स्वीकृत की गई थीं. और सौर ऊर्जा से संचालित थीं. एक योजना पर लगभग 12 लाख रुपये की लागत आई थी.

ग्रामीणों का कहना है कि इन योजनाओं के बावजूद उन्हें पानी के लिए कुएं, तालाब या चापानल पर निर्भर रहना पड़ रहा है. पाइनलाइन के जरिये घरों में पानी पहुंचने का उनका सपना अबतक पूरा नहीं हुआ है.

हालांकि जिले के पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के कार्यपालक अभियंता आनंद कुमार सिंह का कहना है कि इन योजनाओं की नाकामी के लिए ग्राम पेयजल एवं स्वच्छता समिति जिम्मेवार हैं.

बंद पड़ी योजनाओं को दोबारा चालू कराने के निर्देश



दरअसल प्रावधानों के अनुसार इन योजनाओं के पूरी होने के बाद इनके संचालन का जिम्मा गांव के मुखिया की देख-रेख में ग्राम पेयजल एवं स्वच्छता समिति पर था. हालांकि हाल में सरकार के स्तर से इन योजनाओं की समीक्षा करते हुए 14वें वित्त आयोग की राशि से इन्हें दोबारा चालू कराने का निर्देश दिया गया. बाबजूद इसके बंद पड़ी इन योजनाओं को चालू नहीं कराया जा सका है. अब लापरवाही चाहे जिस स्तर से हो, लेकिन इसका सीधा खामियाजा ग्रामीणों को उठाना पड़ रहा है.

इनपुट- रितुराज सिन्हा 

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First published: January 27, 2020, 1:34 PM IST
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