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CM की इस योजना को पैसे का संकट, गरीब मरीजों का कैसे होगा इलाज?

News18 Jharkhand
Updated: November 20, 2018, 12:01 PM IST
CM की इस योजना को पैसे का संकट, गरीब मरीजों का कैसे होगा इलाज?
मुख्यमंत्री असाध्य रोग योजना को पैसे का संकट

स्क्रीनिंग बोर्ड के सदस्य डॉ. रंजन सिन्हा का कहना है कि राशि आवंटन से संबंधित समस्या से सरकार को अवगत कराई जाएगी.

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झारखंड में इलाज के अभाव में किसी की मौत नहीं हो, इसी उद्देश्य से मुख्यमंत्री असाध्य रोग योजना की शुरुआत की गई. इस योजना के तहत 72 हजार रुपये तक की वार्षिक आय वाले मरीजों को 4 लाख 50 हजार रुपये तक की सहायता का प्रावधान है. लेकिन देवघर में इस योजना के तहत राशि उपलब्ध नहीं होने के कारण असाध्य रोग से ग्रसित मरीजों को निराश होकर वापस लौटना पड़ रहा है.

दरअसल योजना के अंतर्गत योग्य मरीजों के चयन के लिए प्रत्येक सप्ताह सदर अस्पताल में मेडिकल बोर्ड द्वारा स्क्रीनिंग का प्रावधान रखा गया है. लेकिन बोर्ड की बैठक नियमित नहीं होने से चलते असमर्थ मरीजों को सिविल सर्जन ऑफिस आकर
वापस लौटना पड़ता है.

असाध्य रोग के लिए बोर्ड की साप्ताहिक बैठक हो या नहीं, मरीज को लेकर उनके परिजन जरूर समय पर सिविल सर्जन कार्यालय पहुंच जाते हैं. बोर्ड की बैठक हो भी

गई, तो मरीजों की स्क्रीनिंग के बाद राशि आवंटन के लिए संबंधित संस्थान को पत्र लिख कर काम चलाया जाता है. स्क्रीनिंग बोर्ड के सदस्य डॉ. रंजन सिन्हा का कहना है कि राशि आवंटन से संबंधित समस्या से सरकार को अवगत कराई जाएगी.

योजना के तहत 72 हजार की वार्षिक आय सीमा तय होने से स्पष्ट है कि यह योजना निम्न आय वर्ग के लोगों की स्वास्थ्य जरुरतों को ध्यान में रखकर बनाई गई है. लेकिन देवघर में विभागीय लापरवाही से न सिर्फ सरकार के मंसूबे पर पानी फिर रहा है, जरुरतमंद मरीजों को भी इस योजना का लाभ नहीं मिल रहा है.

(रितुराज सिन्हा की रिपोर्ट)ये भी पढ़ें- VIDEO: ये रिम्स है, यहां फर्श पर होता है मरीजों का इलाज

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First published: November 20, 2018, 11:59 AM IST
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