झारखंडः हवाई जहाज से पहुंच सकेंगे बाबाधाम, 400 करोड़ की लागत से शुरू होगा देवघर एयरपोर्ट
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झारखंडः हवाई जहाज से पहुंच सकेंगे बाबाधाम, 400 करोड़ की लागत से शुरू होगा देवघर एयरपोर्ट
फाइफ फोटो.

झारखंड में रांची के बाद दूसरे हवाई अड्डे का पीएम नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने किया था शिलान्यास. एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (AAI) ने देवघर एयरपोर्ट (Deoghar Airport) का काम जल्द शुरू करने का दिया आदेश.

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  • Last Updated: September 7, 2020, 5:33 PM IST
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देवघर. देश के 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक बाबा वैद्यनाथ (Baba Vaidyanath) की नगरी देवघर तक अब आप हवाई जहाज (Flight Service) से पहुंच सकेंगे. जी हां, देवघर भी देश के बड़े शहरों से हवाई मार्ग के जरिए जुड़ने वाला है. भगवान शंकर की नगरी के रूप में मशहूर बाबाधाम यानी देवघर (Deoghar) में एयरपोर्ट का काम शुरू होने वाला है. एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (AAI) ने इस काम में तेजी लाने के आदेश दे दिए हैं. AAI ने झारखंड सरकार (Jharkhand Govt) और रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) की मदद से देवघर में 401.34 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाले एयरपोर्ट को जल्द शुरू करने की बात कही है. देवघर में दूसरा एयरपोर्ट बनने के बाद यह राज्य का दूसरा हवाई अड्डा होगा, जहां देश के अन्य शहरों से आने वाले विमान उतर सकेंगे. अभी राज्य में सिर्फ रांची में ही एयरपोर्ट (Birsa Munda Airport) है.

PM नरेंद्र मोदी ने किया था शिलान्यास
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने 25 मई 2018 को झारखंड के सिंदरी से एक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये देवघर एयरपोर्ट की आधारशिला रखी थी. 653.75 एकड़ के विशाल भू भाग में देवघर एयरपोर्ट को बनाया जायेगा. इसमें टर्मिनल बिल्डिंग 4000 स्क्वायर मीटर में बनकर तैयार होगा. एयर बस 320 की लैंडिंग और टेक ऑफ में सक्षम इस एयरपोर्ट में 2500 मीटर यानी ढाई किलोमीटर लंबा रन वे होगा. टर्मिनल बिल्डिंग में 6 चेक इन काउंटर की व्यवस्था की जाएगी. 2 अराइवल बेल्ट्स होंगे ताकि पीक आवर में 200 यात्री प्रति घंटा हैंडल किये जा सकें.

ऐसा होगा एयरपोर्ट के टर्मिनल बिल्डिंग का इंटरनल डिजाइन
एयरपोर्ट को पर्यावरण हितैषी आर्किटेक्टचरल डिजाइन किया जायेगा. इसमें कई यात्री सुविधाएं होंगी. टर्मिनल बिल्डिंग को बाबा वैधनाथ मंदिर के शिखर के प्रारूप की तरह बनाया जायेगा. टर्मिनल बिल्डिंग का इंटरनल डिजाइन आदिवासी कला, हस्तशिल्प और स्थानीय पर्यटन स्थलों की तस्वीरों से तैयार की जायेगी. इंटरनल डिजाइन में क्षेत्र के कला और संस्कृति को स्थान दिया जाएगा.



पश्चिम बंगाल और बिहार के लोगों को भी मिलेगा लाभ
रांची के बाद झारखंड के इस दूसरे एयरपोर्ट से ना सिर्फ झारखंड के निवासियों को बल्कि उत्तरी पश्चिम बंगाल और दक्षिण पूर्वी बिहार के लोगों को भी सहूलियत होगी. उम्मीद की जा रही है कि इस एयरपोर्ट के शुरू होने से क्षेत्र के पर्यटन को पंख लगेंगे. लोगों को बड़े पैमाने पर रोजगार मिलेगा. यही नहीं एयरपोर्ट के शुरू होने से क्षेत्र और प्रदेश की आर्थिक स्थिति और मजबूत होगी.

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