बैंक का फर्जी एजेंट बनकर 42 लोगों से 1 करोड़ ठगने वाला शातिर दो साल बाद हुआ गिरफ्तार

आरोपी नसीम दो साल से फरार चल रहा था.

आरोपी नसीम दो साल से फरार चल रहा था.

देवघर एसपी अश्विनी कुमार सिन्हा ने बताया कि आरोपी ने तकरीबन एक करोड़ रुपये की ठगी की. आरोपी पर इस सिलसिले में केस दर्ज है. और वह लंबे समय से फरार चल रहा था.

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रिपोर्ट- मनीष दुबे 

देवघर. झारखंड की देवघर पुलिस (Deoghar Police) को आखिरकार शातिर ठग को गिरफ्तार करने में कामयाबी मिल ही गई. देवघर जिले के 42 लोगों को ठगी का शिकार बनाने वाला शातिर नसीम शेख को जमुई बिहार से गिरफ्तार किया गया. नसीम की गिरफ्तारी के बाद ठगी के शिकार हुए लोग जसीडीह थाना पहुंचकर हंगामा किया. और रकम वापसी की मांग की.

आरोपी नसीम शेख ने को-ऑपरेटिव बैंक सहित विभिन्न बैंकों के एजेंट होने का दावा किया था. लेकिन वह फर्जी एजेंट निकला. फर्जी एजेंट बनकर उसने देवघर और मधुपुर के 42 लोगों को ठगी का शिकार बनाया. आरोपी ने लोगों को पैसे दोगुना करने का झांसा देकर प्रत्येक व्यक्ति से 4 से 5 लाख रुपये की ठगी की.

देवघर एसपी अश्विनी कुमार सिन्हा की माने तो आरोपी ने तकरीबन एक करोड़ रुपये की ठगी की. आरोपी पर इस सिलसिले में केस दर्ज है. वह लंबे समय से फरार चल रहा था. लेकिन गुप्त सूचना के आधार पर देवघर पुलिस ने जमुई से इसकी गिरफ्तारी की.
एसपी ने बताया कि नसीम के खिलाफ ठगी से जुड़ा मामला 25 अक्टूबर, 2019 को नगर थाना में दर्ज हुआ था. दरअसल नसीम खुद को कोआपरेटिव व अन्य बैंकों का एजेंट बताता था और बैंक में जमा करवाने के नाम पर पैसे लेता था. वह संस्कार साख एवं मधुपुर की बचत स्वाबलंबी सहकारी समिति का भी फर्जी एजेंट बना हुआ था. लोगों को प्रलोभन देता था कि पैसा सुरक्षित रहेगा व अन्य बैंकों की तुलना में रकम जल्द दोगुना हो जाएगा. उसने 42 लोगों को झांसे में लिया और करीब एक करोड़ रुपये ठग लिए.

नसीम की गिरफ्तारी की खबर सुनकर ठगी के शिकार लोगों ने एसपी कार्यालय पहुंचकर रकम वापस दिलाने की मांग की.
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