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देवघर: इस साल भी नहीं है कांवड़ यात्रा और श्रावणी मेले के आयोजन की संभावना, ये है वजह

देवघर: इस साल भी नहीं है कांवड़ यात्रा और श्रावणी मेले के आयोजन की संभावना, ये है वजह

सरकार ने अभी तक इस विशाल आयोजन पर औपचारिक आदेश नहीं दिया है. (फाइल फोटो)

सरकार ने अभी तक इस विशाल आयोजन पर औपचारिक आदेश नहीं दिया है. (फाइल फोटो)

इसी साल 25 जुलाई से श्रावण मास (Shravan Month) शुरू हो रहा है, लेकिन अभी तक देवघर जिला प्रशासन की ओर से मेले को लेकर कोई तैयारी नहीं हुई है. यह इस बात का संकेत है कि राज्य सरकार देवघर के प्रसिद्ध बाबा बैद्यनाथ मंदिर में कांवड़ियों का मेला और जमावड़ा नहीं होने देगी, जिसे 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक माना जाता है.

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    देवघर. कोविड-19 (COVID-19) के कारण धार्मिक गतिविधियों पर पाबंदियों के चलते इस साल लगातार दूसरी बार झारखंड के देवघर (Deoghar) में एक महीने तक चलने वाला श्रावणी मेला (Shravani Mela) और इससे जुड़ी कांवड़ यात्रा (kanwar yatra) होने की संभावना नहीं है. इसे पूर्वी भारत के सबसे बड़े धार्मिक आयोजनों में से एक माना जाता है. इसी साल 25 जुलाई से श्रावण मास शुरू हो रहा है, लेकिन अभी तक देवघर जिला प्रशासन की ओर से मेले को लेकर कोई तैयारी नहीं हुई है. यह इस बात का संकेत है कि राज्य सरकार देवघर के प्रसिद्ध बाबा बैद्यनाथ मंदिर में कांवड़ियों का मेला और जमावड़ा नहीं होने देगी, जिसे 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक माना जाता है.

    सरकार ने अभी तक इस विशाल आयोजन पर औपचारिक आदेश नहीं दिया है. इस दौरान देश भर के लाखों भक्त बैद्यनाथ मंदिर में भगवान शिव की पूजा करने के लिए आते हैं, लेकिन ऐसे संकेत हैं कि पिछली बार की तरह इस बार भी यह आयोजन नहीं होगा. झारखंड सरकार ने 30 जून को कोरोना वायरस लॉकडाउन जैसी पाबंदियों को आठवीं बार अगले आदेश तक बढ़ा दिया था. इसके तहत सभी धार्मिक स्थलों / पूजा स्थलों को खोलने की अनुमति है , लेकिन आगंतुकों का प्रवेश वर्जित है. झारखंड के पुलिस महानिदेशक, नीरज सिन्हा ने शनिवार को कहा कि लोगों को कोविड महामारी के आलोक में सरकार द्वारा लगाए गए प्रतिबंधों का पालन और उनका सम्मान करना चाहिए.

    कोरोना से मरने वालों की संख्या 5,120 हो गई है
    सिन्हा ने कहा, ’’हमने बिहार की सीमाओं और देवघर की सीमाओं पर भीड़ लगने से रोकने के लिए पुलिस बल तैनात किया है.’’ पूर्वी क्षेत्र में कांवड़िये बिहार के सुल्तानगंज से गंगा जल लेकर देवघर मंदिर में भगवान शिव को चढ़ाने के लिए 100 किलोमीटर की यात्रा करते हैं. उत्तराखंड के पुलिस प्रमुख अशोक कुमार ने घोषणा की है कि कांवड़ यात्रा के निलंबन के बावजूद हरिद्वार में प्रवेश करने वाले ’कांवड़ियों’ (भगवान शिव के भक्त) को 14 दिनों के लिए छूट दी जाएगी. उत्तराखंड की तर्ज पर छूट दिये जाने के बारे में पूछे जाने पर सिन्हा ने कहा कि इस संबंध में निर्णय राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण लेता है. झारखंड में कोविड-19 मामलों की संख्या बढ़कर 3,46,588 जबकि मरने वालों की संख्या 5,120 हो गई है.

    Tags: Devghar news, Jharkhand news

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