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नागपंचमी पर देवघर के वैद्यनाथ मंदिर में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़

नागपंचमी पर देवघर के वैद्यनाथ मंदिर में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़

सावन माह भगवान भोलेनाथ की आराधना के लिए शुभ माना जाता है और खासकर रविवार का दिन तो और भी फलदायक होता है. यही कारण है की नागपंचमी को लेकर देवघर के बाबा मंदिर में जलाभिषेक करने के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी है.

    सावन माह भगवान भोलेनाथ की आराधना के लिए शुभ माना जाता है और खासकर रविवार का दिन तो और भी फलदायक होता है. यही कारण है की नागपंचमी को लेकर देवघर के बाबा मंदिर में जलाभिषेक करने के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी है.

    झारखंड में तो सुबह से ही बाबा मंदिर में जलार्पण करने के लिए श्रद्धालुओं की लंबी कतार लग गई. शिवगंगा हो या फिर कांवरिया पथ, हर जगर श्रद्धालु दिख रहे हैं. सपेरा जगह-जगह सांप दिखा रहे हैं.

    नागपंचमी होने के कारण बाबा मंदिर में सोमवारी जैसी भीड़ है. श्रद्धालु बाबा पर दूध, गंगा जल, बेलपत्र और नाग की पूजा कर मनोवांछित फल को प्राप्त करते हैं. रास्ते में ही श्रद्धालु भगवान भोले की भक्ति में डूबते नजर आए. इनलोगों की माने तो आज जो मनोकामना मांगी जाती है, बाबा पूरा कर देते हैं.

    मान्यता है कि भगवान शंकर के प्रिय नाग देवता हैं. आज के दिन पवित्र द्वादश ज्योतिर्लिंग पर दूध अर्पण करने से श्रद्धाल मनवांछित फल प्राप्त कर भगवान शंकर के प्रिय बन जाते हैं.

    रविवार को श्रावण मास शुक्ल पक्ष की पंचमी है, जिसे नाग पंचमी कहते हैं. सावन मास और नाग पंचमी एक साथ पड़ने के कारण इसका खास महत्व होता है.

    ऐसी भी मान्यता है कि श्रावण मास में ही समुंद्र मंथन के दौरान जो विष निकला उसे भगवान शंकर ने ग्रहण किया और इसी दिन नाग-नागिन का मिलन हुआ था. ऐसे में नाग की पूजा करने के साथ-साथ बाबा भोलेनाथ की पूजा करने से सारी मनोकामना मिलती है.

    Tags: Jharkhand news, Nag panchmi

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