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अनोखी पहल: जानवरों के डमी को स्कूल में सहेज कर रखते हैं यह टीचर

News18 Jharkhand
Updated: December 1, 2018, 4:50 PM IST
अनोखी पहल: जानवरों के डमी को स्कूल में सहेज कर रखते हैं यह टीचर
स्कूल में जानवरों के डमी

गोपालपुर के स्कूली बच्चे भी अपने टीचर अरविंद राज जजवाड़े की अनोखी पहल से काफी खुश हैं.

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आम तौर पर पूजा पंडालों में लगाए गए आकर्षक कट आउट या जानवरों के डमी को पूजा समिति बाद में सहेज कर नहीं रखते हैं लेकिन झारखंड के देवघर जिले के एक टीचर इसे सहेज कर रखने का काम कर रहे हैं.

धूप सेंकते बाघ, पेड़ों की डालियों पर झूलते बंदर, घास चरती हिरणें, लंबा अजगर सांप और लुप्त हो चुके डायनासोर समेत कई ऐसे जंगली जानवरों को अपने पास पाकर देवघर जिले के प्राथमिक विद्यालय गोपालपुर के स्कूली बच्चे रोमांचित हो रहे हैं.

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ऐसी अनोखी पहल करने वाले और राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित टीचर अरविंद राज जजवाड़े कहते हैं कि गोपालपुर भले ही सरकारी नक्शे पर नगर निगम क्षेत्र में पड़ता हो लेकिन यहां आज भी जीवन शैली ग्रामीण ही है. एक तरफ जहां शहरी बच्चों को अपने अभिभावक के साथ शहरी पूजा पंडालो में या किसी दूसरे शहरो में चिड़िया घरों मे घूमने का मौका मिल भी जाता हो लेकिन गोपालपुर के बच्चे इन सभी से मरहूम है. ऐसे में अगर इन्हें यहां स्कूल में हर रोज इन्हें देखने और छूने का मौका मिल जाता है तो इनकी खुशी का ठिकाना नहीं रहता.

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गोपालपुर के स्कूली बच्चे भी अपने टीचर अरविंद राज जजवाड़े की इस अनोखी पहल से काफी खुश हैं.

अपनी कार्यशैली के लिए राष्ट्रपति पुरस्कार से नवाजे गए शिक्षक राजवाड़े ने कहा कि जिस गांव के बच्चों को टीवी और स्मार्टफोन तक पहुंच नहीं है, वहा इन डमियों के आ जाने से कई फायदे हैं. बच्चो में इन जानवरों की जानकारी से लेकर इनके प्रति लगाव बढ़ाने में भी ये डमी कारगर साबित हो रहे हैं।बहरहाल, देखने वाली बात है कि अपने अलग अंदाज से शिक्षा के लिए समर्पित इस टीचर की पहल से दूसरे लोग कितना प्रेरित होते हैं.

(देवघर से मनीष राज की रिपोर्ट)

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First published: December 1, 2018, 4:50 PM IST
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