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करोड़ों के विधानसभा भवन में एक दिन के सत्र कोई मतलब नहीं- बाबूलाल मरांडी

झारखंड विकास मोर्चा (प्रजातांत्रिक) के अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी (फाइल फोटो)

झारखंड विकास मोर्चा (प्रजातांत्रिक) के अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी (फाइल फोटो)

पूर्व सीएम ने कहा कि जेवीएम मानता है कि इतनी बड़ी लागत से बनी विधानसभा में महज एक दिन के सत्र का कोई मतलब नहीं है. कम से ...अधिक पढ़ें

    देवघर. पूर्व मुख्यमंत्री व जेवीएम अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी ने कहा कि 25 सितम्बर को जेवीएम विधानसभा चुनाव को लेकर शंखनाद करेगा. इसके लिए रांची में जनादेश समागम का आयोजन होगा. उन्होंने कहा कि जेवीएम बेरोजगारी, गरीबी, भूख से मौत के मुद्दे को लेकर चुनाव में उतरेगा.

    नई विधानसभा के विशेष सत्र का जेएमएम के बहिष्कार पर उन्होंने कहा कि ये जेएमएम का नीतिगत फैसला है. लेकिन जेवीएम मानता है कि इतनी बड़ी लागत से बनी विधानसभा में महज एक दिन के सत्र का कोई मतलब नहीं है. कम से कम 8 से 10 दिन का सत्र होना चाहिए था.

    विधानसभा के उद्घाटन कार्यक्रम के लिए हेमंत सोरेन को सम्मानजनक तरीके से आमंत्रण नहीं मिलने के आरोप पर पूर्व सीएम ने कहा कि अगर ऐसा हुआ है तो ये लोकतंत्र के लिए ठीक नहीं है. गठबंधन के सवाल पर कहा कि इसके पक्ष में जेवीएम शुरू से ही आगे रहा है. समय आने पर तस्वीर साफ हो जाएगी.

    इससे पहले गुरुवार को रांची में आदिवासी जनपरिषद का जेवीएम में विलय हो गया. इस मौके पर बाबूलाल मरांडी ने कहा कि अगर हमारी सरकार आती है, तो प्रदेश में शिक्षा की स्थिति बेहतर की जाएगी. प्रदेश के रैयत, मजदूर नहीं बल्कि मालिक बनेंगे.

    आदिवासी जनपरिषद के अध्यक्ष प्रेमशाही मुंडा ने कहा कि बाबूलाल मरांडी के विचारों और पार्टी की नीतियों को जन-जन तक पहुंचाना उनका लक्ष्य होगा. जिससे पार्टी और ज्यादा मजबूत होकर प्रदेश में आदिवासियों के हितों की रक्षा कर सके.

    इनपुट- मनीष कुमार व ओमप्रकाश 

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    Tags: Babulal marandi, Jharkhand Assembly Election 2019

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