• Home
  • »
  • News
  • »
  • jharkhand
  • »
  • देवघरः भोलेनाथ के प्रसाद पर लॉकडाउन की मार, 50 दिनों में सड़ गए 50 लाख से ज्यादा के पेड़े

देवघरः भोलेनाथ के प्रसाद पर लॉकडाउन की मार, 50 दिनों में सड़ गए 50 लाख से ज्यादा के पेड़े

देवघर आने वाले शिवभक्तों के लिए पेड़े का प्रसाद विशेष महत्व रखता है.

देवघर आने वाले शिवभक्तों के लिए पेड़े का प्रसाद विशेष महत्व रखता है.

झारखंड के देवघर में लाखों लोगों की रोजी-रोटी बाबा मंदिर (Baidyanath Dham) के कारण चलती है. लेकिन कोरोना संक्रमण (COVID-19 Crisis) के कारण मंदिर बंद है, जिससे पेड़ा से लेकर पूजा सामग्री बेचने वाले परेशान हैं.

  • Share this:
    देवघर. सालोंभर श्रद्धालुओं से गुलजार रहने वाले झारखंड के देवघर (Deoghar) यानी बाबा बैद्यनाथ धाम (Baidyanath Dham) में इन दिनों सन्नाटा पसरा हुआ है. श्रद्धालुओं के लिए यहां के पेड़े (Peda) का प्रसाद खास महत्व रखता है. लेकिन लगभग 50 दिन के कोरोना लॉकडाउन में यहां का पेड़ा उद्योग बर्बादी के कगार पर पहुंच गया है. पेड़ा व्यवसायियों का इस दौरान 50 से 60 लाख रुपए का कच्चा माल सड़कर बर्बाद तो हो ही गया, हजारों की संख्या में इससे जुड़े लोग बेरोजगार होकर भुखमरी के भी कगार पर पहुंच गए हैं.

    तैयार पेड़ा और कच्चा माल सड़कर बर्बाद हो गए

    पेड़ा व्यवसायी रोहित कुमार मंडल ने बताया कि लॉकडाउन के कारण दुकानों का शटर डाउन है. नतीजा ये हुआ कि लगभग 45 से 50 लाख का इनका तैयार पेड़ा और कच्चा माल सड़कर बर्बाद हो गया. दुकान बंद और काम नहीं मिलने से रोज कमाने-खाने वाले पेड़ा कारीगरों के सामने भी विकट स्थिति उत्पन्न हो गई है. पेड़ा कारीगर प्रमोद यादव का कहना है कि पेड़ा व्यवसाय बंद होने से उसके सामने भुखमरी की स्थिति उत्पन्न हो गई है. उन जैसे कारीगरों को फिलहाल कोई काम नहीं मिल रहा. ऐसे में उनके लिए घर चलाना मुश्किल हो रहा है.

    सालाना 10 करोड़ का कारोबार 

    देवघर शहर और इससे सटे घोरमारा में लगभग 3 हजार पेड़े की दुकानें हैं. सालाना इन दुकानों में करोड़ों के पेड़े का कारोबार होता है. पेड़ा उद्योग से हजारों लोगों की आजीविका चलती है. लेकिन लॉकडाउन ने ऐेसे कारोबारियों को भी बेरोजगार बना दिया है.

    पेड़ा व्यवसायी संघ के जिलाध्यक्ष हनुमान केशरी कहते हैं कि सरकार को देवघर के पेड़ा व्यवसायियों पर ध्यान देना चाहिए. लॉकडाउन में जो नुकसान हुआ है, उसको देखते हुए मदद करनी चाहिए. उन्होंने कहा कि देवघर में सलाना 10 करोड़ से ज्यादा की कमाई पेड़ा व्यवसाय से होती है. लेकिन कोरोना ने सब कुछ चौपट कर दिया. स्थानीय व्यवसायी सुरेश साह ने सरकार से प्रति दुकानदार 10-10 हजार रुपए राहत देने की मांग की है.

    लाखों लोगों की रोजी-रोटी बाबा मंदिर से चलती है 

    बता दें कि पेड़ा कारोबार से लेकर पूजा सामान बेचने वालों तक देवघर में लाखों लोगों की रोजी-रोटी बाबा मंदिर के कारण चलती है. लेकिन कोरोना संक्रमण के कारण बाबा मंदिर बंद है. श्रद्धालुओं के आने पर रोक है. ऐसे में यहां के कारोबारियों की जिंदगी बेपटरी हो गई है. इन्हें फिर से मंदिर खुलने और भक्तों के आने का इंतजार है.

    रिपोर्ट- रितुराज सिन्हा 

    ये भी पढ़ें- झारखंड: कोरोना संकट में महिला किसानों को मदद, 5 से 8 हजार रुपये देगी सरकार

    पढ़ें Hindi News ऑनलाइन और देखें Live TV News18 हिंदी की वेबसाइट पर. जानिए देश-विदेश और अपने प्रदेश, बॉलीवुड, खेल जगत, बिज़नेस से जुड़ी News in Hindi.

    हमें FacebookTwitter, Instagram और Telegram पर फॉलो करें.

    विज्ञापन
    विज्ञापन

    विज्ञापन

    टॉप स्टोरीज