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ओडीएफ घोषित होने के बावजूद देवघर में लोग खुले में जाते हैं शौच, जानिए पूरी सच्चाई

Rituraj Sinha | ETV Bihar/Jharkhand
Updated: October 12, 2017, 12:33 PM IST
ओडीएफ घोषित होने के बावजूद देवघर में लोग खुले में जाते हैं शौच, जानिए पूरी सच्चाई
सार्वजनिक शौचालयों पर लटके ताले
Rituraj Sinha | ETV Bihar/Jharkhand
Updated: October 12, 2017, 12:33 PM IST
देवघर नगर निगम क्षेत्र को पूरी तरह खुले में शौच से मुक्त (ओडीएफ) घोषित कर दिया गया है. प्रशासन की ओर से खुले में शौच करते समय पकड़े जाने पर जुर्माना का भी प्रावधान किया गया है, लेकिन शौचालय के अभाव में निगम क्षेत्र के कई वार्ड में आज भी लोग खुले में शौच जाने को मजबूर हैं.

गांधी जयंती के अवसर पर सरकार की ओर से राज्य के सभी 41 शहरी स्थानीय निकाय को ओडीएफ घोषित किया गया था जिसमें देवघर नगर निगम भी शामिल है निगम क्षेत्र में 10 हज़ार 534 नए शौंचालय का निर्माण कर यह उपलब्धि हासिल करने का दावा किया जा रहा है. वहीं दूसरी तरफ निगम के वार्ड संख्या-3 की वास्तविकता इस सरकारी दावे की पोल खोलने के लिए काफी है.

दरअसल यहाँ कई ऐसे हॉउस होल्ड हैं जहाँ न तो पहले शौचालय था और न अब उनके घरों में शौचालय का निर्माण हुआ है. मज़बूरी में आज भी उन्हें खुले में शौच जाना पड़ता है,खासकर महिलाओं को इससे काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. निगम क्षेत्र के सभी हाउस होल्ड में शौचालय का निर्माण भले नहीं हुआ, लेकिन निगम द्वारा खुले में शौच पर जुर्माने का डंडा अवश्य चलाया जा रहा है.

निगम का दावा है कि ऐसे लोगों के लिए निगम क्षेत्र में अलग-अलग जगहों पर 20 सामुदायिक शौचालय का निर्माण कराया गया है. वहीं सच्चाई यह है कि इनमे से अधिकांश पर अभी भी ताले लटके रहते हैं. हालाँकि निगम द्वारा अब लोगों को जागरुक कर ओडीएफ का वास्तविक लक्ष्य प्राप्त करने की बात की जा रही है.
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