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आयुष्मान कार्ड की अनदेखी करने पर निजी हॉस्पिटल पर ठोका एक लाख का जुर्माना

गोल्डन कार्ड होने के बावजूद मरीज सरजू वर्मा से डायलिसिस के लिए पैसे ऐंठ लिये गये.

गोल्डन कार्ड होने के बावजूद मरीज सरजू वर्मा से डायलिसिस के लिए पैसे ऐंठ लिये गये.

मरीज सरजू वर्मा का आरोप है कि उसके पास गोल्डन कार्ड होने के बावजूद हॉस्पिटल ने बिना पैसे लिए डायलिसिस करने से मना कर दिया. और डायलिसिस करने के बाद उससे 18 हजार 320 रुपये ऐंठ लिये.

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    देवघर. आयुष्मान भारत योजना (Ayushman Bharat Scheme) के तहत अधिकृत एक निजी क्लिनिक में किडनी के गंभीर मरीज से डायलिसिस के एवज में मोटी रकम ऐंठने का मामला सामने आया है. जिसके बाद जिले के सिविल सर्जन (Civil Surgeon) की लिखित शिकायत पर आयुष्मान भारत की राज्य इकाई ने त्रिदेव हॉस्पिटल पर जुर्माना (Penalty) ठोका है. हालांकि निजी क्लिनिक आरोप को बेबुनियाद बताया है.

    देवघर के देवीपुर स्थित कटघरी गांव के 52 वर्षीय सरजू वर्मा की दोनों किडनियां फेल हो गई हैं. किडनी बदलवाने में असमर्थ सरजू वर्मा आयुष्मान योजना के तहत डायलिसिस कराने गोल्डन कार्ड लेकर त्रिदेव हॉस्पिटल पहुंचे. लेकिन उनकी उम्मीद के विपरीत हॉस्पिटल ने बिना पैसे लिए डायलिसिस करने से मना कर दिया. मरीज के आरोप के मुताबिक हॉस्पिटल ने उनसे डायलिसिस करने के बदले 18 हजार 320 रुपये ऐंठ लिये.

    हॉस्पिटल पर लगा एक लाख का अर्थदंड

    मामला जब सिविल सर्जन डॉ. विजय कुमार के पास पहुंचा, तो उन्होंने तुरंत इसकी शिकायत आयुष्मान भारत की रांची स्थित राज्य इकाई से की. शिकायत पर झारखंड राज्य आरोग्य सोसाइटी के अतिरिक्त निदेशक ने योजना के प्रावधान के तहत त्रिदेव हॉस्पिटल पर जुर्माना ठोका है. हॉस्पिटल पर मरीज से वसूली गई राशि के अतिरिक्त पांच गुणा राशि यानी 1 लाख 9 हजार 920 रुपये का अर्थदंड लगाया गया है. हालांकि हॉस्पिटल के निदेशक डॉ. राकेश कुमार का कहना है कि क्लिनिक पर लगे सारे आरोप बेबुनियाद हैं. इस बीच सिविल सर्जन ने आयुष्मान योजना से इस क्लिनिक की संबद्धता समाप्त करने की अनुसंशा कर दी है.

    बता दें कि पैसों के अभाव में गरीब इलाज से वंचित नहीं रहे, इसी मक़सद से मोदी सरकार ने वर्ष 2018 में आयुष्मान भारत योजना का शुभारंभ किया. देश के करोड़ों परिवारों को इस योजना के तहत साल में 5 लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज देना का प्रावधान है. इसके लिए चिन्हित परिवारों को गोल्डन कार्ड मुहैया कराया गया. इस कार्ड के जरिये योजना से जुड़े अस्पताल में जाकर गरीब अपना मुफ्त इलाज करा सकते हैं.

    रिपोर्ट- रितुराज सिन्हा

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