कबाड़ में तब्दील हुआ करोड़ों का लैंप पोस्ट

जसीडीह-देवघर मुख्य मार्ग के किनारे कूड़े की ढेर में लैंप पोस्ट को फेंक दिया गया है. ये सौर ऊर्जा संचालित वहीं लैंप पोस्ट हैं जो करोड़ों की राशि खर्च कर तीर्थयात्रियों की सुविधा के लिए जसीडीह से देवघर टावर चौक तक लगाए गए थे.

Rituraj Sinha | News18 Jharkhand
Updated: April 17, 2018, 10:43 AM IST
कबाड़ में तब्दील हुआ करोड़ों का लैंप पोस्ट
कबाड़ में तब्दील हुआ करोड़ों का लैंप पोस्ट
Rituraj Sinha | News18 Jharkhand
Updated: April 17, 2018, 10:43 AM IST
देवघर आने वाले तीर्थयात्रियों की सुविधा के लिए वर्ष 2011 में जसीडीह स्टेशन से बाबा मंदिर तक सड़क के किनारे सौर ऊर्जा संचालित लैंप पोस्ट स्थापित किया गया था. भारत सरकार के नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय के सहयोग से यह संयंत्र लगाया गया था. लेकिन स्थानीय प्रशासन की लापरवाही से सड़क निर्माण करा रही एजेंसी ने मनमाने तरीके से जगह-जगह स्ट्रीट लाइट पोस्ट को ही उखाड़ कर फेंक दिया है. अब इसकी जांच और कार्रवाई की मांग की जा रही है.

जसीडीह-देवघर मुख्य मार्ग के किनारे कूड़े की ढेर में लैंप पोस्ट को फेंक दिया गया है. ये सौर ऊर्जा संचालित वहीं लैंप पोस्ट हैं जो करोड़ों की राशि खर्च कर तीर्थयात्रियों की सुविधा के लिए जसीडीह से देवघर टावर चौक तक लगाए गए थे.

दरअसल वर्ष 2011 में देवघर आने वाले तीर्थयात्रियों की सुविधा के लिए सड़क के किनारे ये सौर ऊर्जा संचालित लैंप पोस्ट स्थापित किये गए थे. योजना का उद्घाटन भारत सरकार के तत्कालीन नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री डा.फारुख अब्दुलाह और तत्कालीन मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा द्वारा संयुक्त रुप से किया गया था. लेकिन स्थानीय प्रशासन के नाक के नीचे सड़क निर्माण कंपनी द्वारा इसे नष्ट कर कूड़े की ढेर में फेंक दिया गया और पूरा प्रशासनिक महकमा मूक दर्शक बना रहा. स्थानीय लोगों द्वारा इसकी जांच कर कार्रवाई की मांग की जा रही है.

सांसद निधि और केंद्र सरकार की राशि के तहत स्वीकृत इस संयंत्र को स्थापित करने का जिम्मा भारत सरकार के उपक्रम सेंट्रल इलेक्ट्रोनिक लिमिटेड को दिया गया था. इस सोलर लाइट योजना के तहत जसीडीह स्टेशन से बाबा मंदिर तक कुल 490 लैम्प पोस्ट स्थापित किये गए थे, लेकिन पूरा सिस्टम क्षतिग्रस्त हो जाने से यह अब शोभा की वस्तु मात्र बन कर रह गया है.
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