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निरसा में कोयले की 3 अवैध चालें धंसीं, 15 लोगों के मारे जाने की सूचना, 6 की आधिकारिक पुष्टि

निरसा में कोयले की 3 अवैध चालें धंसीं, 15 लोगों के मारे जाने की सूचना, 6 की आधिकारिक पुष्टि

अवैध खनन करने वाले ऐसी संकरी जगहों पर रेंगकर जाते हैं.

अवैध खनन करने वाले ऐसी संकरी जगहों पर रेंगकर जाते हैं.

Rescue Operation: निरसा क्षेत्र के गोपिनाथपुर ओसीपी, दहिबाड़ी सी पेंच और कापासारा ओसीपी में कोयले के अवैध चाल धंसे. अवैध खनन के दौरान चाल धंसने से सुबह 9 लोगों की मौत हो गई थी. इन 9 लाशों को उनके परिजन लेकर भाग चुके थे. देर रात तक चले रेस्क्यू अभियान में गोपिनाथपुर ओसीपी से 6 शव निकाले गए. यहां के मलबे से 1 महिला मजदूर को जिंदा निकाला गया है.

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संजय गुप्ता

धनबाद. धनबाद जिले के निरसा क्षेत्र में मंगलवार को कोयले के 3 अवैध खदानों में हादसे हुए. इन हादसों में कुल 15 लोगों के मारे जाने की सूचना सामने आ रही है, हालांकि 6 लोगों के मरने की आधिकारिक पुष्टि की गई है. खदान के आसपास के लोगों ने बताया कि सुबह में ही 9 लोगों के शव उनके परिजन लेकर भाग चुके हैं.

बता दें कि निरसा क्षेत्र के गोपिनाथपुर ओसीपी, दहिबाड़ी सी पेंच और कापासारा ओसीपी में ये हादसे हुए. बताया गया कि कोयले के अवैध खनन के दौरान खदानों के धंसने से 9 लोगों की मौत हो गई थी. इन 9 लाशों को उनके परिजन लेकर भाग चुके थे. देर रात तक चले रेस्क्यू अभियान में पुलिस प्रशासन और ईसीएल प्रबंधन ने गोपिनाथपुर ओसीपी से 6 शव निकाल लिए थे. मारे गए लोगों में 3 महिलाओं और 3 पुरुषों की लाशें मिली हैं. गोपिनाथपुर ओसीपी के मलबे से 1 महिला मजदूर को जिंदा निकाला गया है, जिसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है. पुलिस का कहना है कि बयान देने की हालत में आते ही इस महिला से पूरे हादसे के बारे में जानकारी ली जाएगी.

हादसे के बाद जिले के एडीएम, एसडीएम, ग्रामीण एसपी, निरसा पुलिस और इडीएल प्रबंधन ने मौके पर पहुंचकर रेस्क्यू कार्य मे तेजी लाने का निर्देश दिया. फिलहाल इन दुर्घटनाओं के बारे कोई भी अधिकारी कुछ भी बोलने से बचता रहे. मौके पर निरसा विधायक अपर्णा सेन गुप्ता और पूर्व विधायक अरूप चटर्जी पहुंचे थे. दोनों ने हेमंत सरकार पर निशाना साधते हुए दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है.

वही पूर्व विधायक अरूप चटर्जी ने ग्रामीण एसपी से कहा कि अवैध उत्खनन में लगे लोगों पर कार्रवाई होनी चाहिए. उन्होंने कहा कि थाने में कोयला चोरों की बात सुनी जाती है, जबकि जनप्रतिनिधियों की नहीं. कम से कम जनप्रतिनिधियों की बातें थाने में सुनी जाएं. बता दें कि इन हादसों के बाद कोयले के अवैध खनन में लगे कारोबारी भूमिगत हो गए हैं. अब देखना है कि इतनी बड़ी दुर्घटना के दोषियों पर पुलिस कार्रवाई करती है या समय बीतने के साथ मामले को फाइलों दबा दिया जाएगा.

Tags: Coal mines, Coal mining, Dhanbad news

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