बेटी को जवाब नहीं दे सके पिता ने ठाना, अब किसी के सामने नहीं आने दूंगा ऐसी तस्वीर
Dhanbad News in Hindi

बेटी को जवाब नहीं दे सके पिता ने ठाना, अब किसी के सामने नहीं आने दूंगा ऐसी तस्वीर
धनबाद के उत्तम सिंह

8 साल की बेटी ने पूछा- पापा! ट्रेन के टॉयलेट में जो लिखा है उसका मतलब क्या है? पिता भद्दे कमेंट्स का अर्थ बेटी को नहीं बता सका. उसी दिन तय उन्होंने तय किया कि अब किसी पिता के सामने ऐसी तस्वीर नहीं आने दूंगा.

  • Share this:
अगर आप दिल्ली से झारखंड के सफर पर हैं तो आपको किसी ट्रेन के टॉयलेट में आपको अगर कोई ऐसा पैंफ्लेट चिपका हुआ मिले जिस लिखा हो- "स्टॉप राइटिंग, इस शौचालय का प्रयोग आपकी मां-बहन भी करेंगी." तो आप चौंकिएगा नहीं, ये काम कोई सरकार या रेलवे नहीं कर रहा है. दरअसल ये काम झारखंड में धनबाद के उत्तम सिंह कर रहे हैं, जो समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी समझते हुए इसे निभा रहे हैं. उत्तम सिंह जब भी ट्रेन में सफर करते हैं, टॉयलेट में लिखे गए बेहूदा कमेंट्स को साफ करना नहीं भूलते. ऐसा करने में उन्हें जरा भी संकोच नहीं होता. यही वजह है कि वे अब तक 250 से ज्यादा ट्रेनों में टॉयलेट्स में लिखे भद्दे कमेंट साफ कर चुके हैं.

उत्तम ने बताया कि एक साल पहले वो कोलफील्ड एक्सप्रेस से हावड़ा से धनबाद आ रहे थे. साथ में पत्नी अपर्णा और 8 साल की बेटी वर्षा भी थी. ट्रेन कुछ ही दूर चली थी कि बेटी ने टॉयलेट जाने को कहा. बेटी जब टॉयलेट से बाहर आई तो कुछ अनमनी सी नजर आई. जब उससे पूछा तो उसने टॉयलेट की दीवारों पर लिखे भद्दे कमेंट्स का अर्थ पूछा.

उत्तम सिंह ने बताया, "मैं टालता गया, लेकिन उसके सवाल रुक नहीं रहे थे. मेरे पास जवाब नहीं थे. संकोच में था कि बेटी को क्या बोलूं. जैसे-तैसे बेटी को दूसरी बातों में लगाया और तय किया कि कुछ भी हो जाए, किसी और पिता के सामने ऐसी तस्वीर सामने नहीं आने दूंगा."
उन्होंने बताया कि इसके बाद वो तुरंत टॉयलेट के अंदर गए और दीवार में लिखे अश्लील वाक्य मिटा दिए. दरवाजा खुला था और कुछ लोग उन्हें ऐसा करते देख रहे थे, लेकिन उन्होंने संकोच नहीं किया और अपना काम पूरा किया.



उत्तम सिंह ने बताया कि वे अब अश्लील शब्दों को मिटाने के अलावा लोगों को जागरूक भी करते हैं. लोगों को जागरूक करने के लिए वो एक पैंफ्लेट भी चिपकाते हैं, जिस पर लिखा होता- "ऐसी कोई बात इन दीवारों पर न लिखें, जिन्हें हम आपकी मां, बहन व घर के सदस्यों के सामने भी पढ़कर शर्मिंदा हों."
ट्रेन के टॉयलेट में जो पैंफ्लेट चिपकाते हैं, उस पर लिखा होता है- "स्टॉप राइटिंग, इस शौचालय का प्रयोग आपकी मां-बहन भी करेंगी."

मुहिम को ट्रेन से निकाल पार्क तक पहुंचा दिया
उत्तम सिंह मूल बिहार के हैं और धनबाद में कपड़े के कारोबारी हैं. उन्हें अक्सर बिजनेस के सिलसिले में कई शहरों में जाना पड़ता है. ट्रेनों में सफर के दौरान वे टॉयलेट चेक करना नहीं भूलते. उन्होंने अब इस मुहिम को ट्रेन से निकाल कर पार्क, सरकारी दफ्तर, बस स्टैंड और होटल के शौचालयों तक पहुंचाया है. वह इन जगहों से भी अश्लील टिप्पणियों को मिटाते हैं.

ये भी पढ़ें-

मांगी सूचना तो मिला डिमोशन, पीड़ित रेलकर्मी ने कहा- अब कर लेंगे आत्मदाह

जयंती Special: नेताजी सुभाष चंद्र बोस के चलते धनबाद के इस स्टेशन का नाम पड़ा 'भागा'

लातेहार: 23 दिन से दोमुहान पुल क्षतिग्रस्त, एनएच-75 पर आवाजाही बंद

जेपीएससी के सचिव पद से जगजीत सिंह हटे, रणेंद्र कुमार को मिला प्रभार
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज