एसीबी के विरोध में प्रशासनिक सेवा के पदाधिकारी हड़ताल पर

Abhishek Kumar | ETV Bihar/Jharkhand
Updated: November 15, 2017, 4:23 PM IST
एसीबी के विरोध में प्रशासनिक सेवा के पदाधिकारी हड़ताल पर
एसीबी के विरोध में हजारीबाग प्रमंडल के चार जिलों के झारखंड प्रशासनिक सेवा संघ के पदाधिकारी हड़ताल पर
Abhishek Kumar | ETV Bihar/Jharkhand
Updated: November 15, 2017, 4:23 PM IST
हजारीबाग के बरकट्ठा सीओ मनोज कुमार तिवारी की गिरफ्तारी के विरोध में हजारीबाग प्रमंडल के चार जिलों के झारखंड प्रशासनिक सेवा संघ के पदाधिकारी हड़ताल पर चले गए हैं. बता दें कि मंगलवार 14 नवंबर को हजारीबाग के बरकट्ठा सीओ मनोज कुमार तिवारी को एसीबी ने पांच हजार रूपए रिश्वत लेते गिरफ्तार कर लिया है.

एसीबी पर अपना टारगेट पूरा करने के लिए गलत तरीके से अधिकारियों को फंसाने का आरोप लगाते हुए
बुधवार को धनबाद परिसदन में झासा के बैनर तले राज्य प्रशासनिक सेवा के पदाधिकारियों ने आपात बैठक की. बैठक में अपना आक्रोश जाहिर करते हुए राज्य प्रशासनिक सेवा के पदाधिकारियों ने पूरे मामले की न्यायिक जांच की मांग की है.

झासा के पदाधिकारियो ने राज्य सरकार से इस मामले में निष्पक्ष जांच की मांग की है. भूअर्जन सह झासा पदाधिकारी एजाज अहमद ने कहा कि हमलोगों की मांग है कि एसीबी अधिकारियों की कार्रवाई के दौरान मजिस्ट्रेट की उपस्थिति और कार्रवाई की वीडियोग्राफी अनिवार्य कर दी जाए. झासा के पदाधिकारियों में इस बात को लेकर रोष है कि एसीबी जेब में पैसा डालकर अधिकारियों को फंसा रही है. यहां तक कि एसीबी अधिकारी कार्रवाई के दौरान घरवालों के साथ दुर्व्यवहार भी कर रहे हैं और भय का वातावरण पैदा कर रहे हैं.

हजारीबाग के बरकट्ठा सीओ मनोज कुमार तिवारी के परिजन आज जब स्थानीय बरकट्ठा थाना में एसीबी के खिलाफ केस दर्ज कराने गए तब थाना प्रभारी और डीएसपी ने ऊपर का आदेश नहीं होने की बात कह कर प्राथमिकी दर्ज करने से इंकार कर दिया. इसे लेकर अधिकारियों में भारी रोष व्याप्त है. एडीएम सप्लाई सह झासा पदाधिकारी एसपी झा ने कहा कि उनके पास पुलिस अधिकारी द्वारा एफआईआर दर्ज करने से मना करने की वह वीडियो भी है जहां वे एफआईआर दर्ज करने से मना कर रहे हैं. यही कारण है कि इस मामले को लेकर राज्यव्यापी हड़ताल पर जाने के लिए रांची में गुरुवार को झासा की आपात बैठक बुलाई गई है. आज झारखंड स्थापना दिवस के कारण अधिकारियो ने कोई निर्णय नहीं लिया.
First published: November 15, 2017
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