धनबाद: बीजेपी के दबंग विधायक ढुल्लू महतो ने कोर्ट में किया सरेंडर, भेजे गये जेल, पढ़ें पूरा मामला
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धनबाद: बीजेपी के दबंग विधायक ढुल्लू महतो ने कोर्ट में किया सरेंडर, भेजे गये जेल, पढ़ें पूरा मामला
बीजेपी विधायक ढुल्लू महतो ने कोर्ट में सरेंडर कर दिया (फाइल फोटो)

बाीजेपी विधायक (Dhullu Mahto) के भाई शरद महतो ने कहा कि विधायक फरार नहीं चल रहे थे, बल्कि वह अपने कानूनी अधिकारों का उपयोग कर रहे थे. उन्हें न्यायालय (Court) पर पूरा भरोसा है.

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धनबाद. पुलिस के दबाव पर आखिरकार बीजेपी विधायक ढुल्लू महतो (Dhullu Mahto) को सरेंडर (Surrender) करना पड़ा. सोमवार सुबह 7:30 बजे विधायक अपने साथी कपिल राणा के साथ प्रथम श्रेणी न्यायिक दंडाधिकारी के आवासीय कार्यालय में अपने अधिवक्ता एसएन मुखर्जी के साथ पहुंचे और सरेंडर कर दिया. रंगदारी मांगने और हाईवा छीनने के आरोप में विधायक के खिलाफ इसी साल 22 मार्च को बरोरा थाने में केस दर्ज हुआ था. जिसके बाद पुलिस (Police) उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी कर रही थी. जबकि विधायक फरार चल रहे थे.

जमानत की अर्जी खारिज होने के बाद जेल भेजे गये विधायक   

सरेंडर के बाद विधायक की जमानत अर्जी पर बहस करते हुए उनके वकील एसएन मुखर्जी ने कहा कि सूचक इरशाद के विरुद्ध विधायक ने पहले ही मुकदमा दायर कर दिया है. उसी मुकदमा को वापस लेने का दबाव बनाने के लिए विधायक के ऊपर चार वर्ष बाद पुराने मामले में प्राथमिकी दर्ज की गई है. वहीं जमानत अर्जी का सहायक लोक अभियोजक सोनी कुमारी ने विरोध किया. दोनों पक्षों को सुनने के बाद अदालत ने विधायक ढुल्लू महतो की जमानत अर्जी खारिज करते हुए उन्हें जेल भेज दिया.



जेल गेट पर विधायक के भाई शरद महतो ने कहा कि विधायक ढुल्लू महतो फरार नहीं चल रहे थे, बल्कि वह अपने कानूनी अधिकारों का उपयोग कर रहे थे. उन्हें न्यायालय पर पूरा भरोसा है. दुख केवल इस बात का है कि उन्हें झूठे मुकदमे में जेल जाना पड़ा है.
क्या है मामला

बिहार के मुजफ्फरपुर के सोनबरसा निवासी इरशाद आलम के शिकायत पर विधायक ढुल्लू महतो समेत पांच पर नामजद प्राथमिकी इसी साल 22 मार्च को दर्ज की गई थी. प्राथमिकी के मुताबिक कंपनी एयर डेक्कन को 42 पोकलेन एवं ड्रिल मशीन के लिए फाइनेंस किया गया था. लेकिन कंपनी के द्वारा फाइनेंस का किस्त भुगतान नहीं किए जाने पर फाइनेंस कंपनी ने सभी मशीनों-गाड़ियों को नीलाम कर दिया था. इरशाद ने नीलामी के तहत गाड़ियों को 33 लाख रुपये में खरीदा था. इरशाद को उपरोक्त गाड़ी मुराईडीह एरीया-1 से ले जाने का आदेश प्राप्त हुआ. मार्च 2016 में जब वह अपने 4 कर्मचारियों के साथ गाड़ियों को प्राप्त करने हेतु मुराईडीह एरिया नंबर-1 बरोरा आया और गाड़ियों को मुरारी से ले जाने का प्रयास किया, तो बाघमारा विधायक ढुल्लू महतो, कपिल राणा, उसके बॉडीगार्ड केदार यादव, सिकंदर चौहान ,धर्मेंद्र गुप्ता एवं 8-10 लोग हरवे हथियार से लैस होकर आए और धमकी देते हुए रंगदारी की मांग की. आरोप के मुताबिक जान मारने की धमकी देते हुए विधायक ने 40 लाख रुपए अपने लिए और अपने लड़कों के लिए 15 लाख रंगदारी की मांग की. रंगदारी की रकम भुगतान करने से इनकर करने पर विधायक ढुल्लू महतो व अन्य लोगों ने गाली गलौज करते हुए इरशाद से मारपीट की. तीन दिन के बाद इरशाद विधायक ढुल्लू के आवास जाकर उन्हें 20 लाख रुपये दिये और विधायक के कहने पर सिकंदर चौहान को भी 6 लाख रुपए दिये. लेकिन एक सप्ताह बाद जब वह फिर से गाड़ी लेने के लिए आया, तो केदार यादव, सिकंदर चौहान, धर्मेंद्र गुप्ता ने भी 20 लाख और रंगदारी की मांग की. इस सिलसिले में चार साल बाद विधायक ढुल्लू महतो के खिलाफ केस दर्ज किया गया.

इनपुट- दिलीप कुमार

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