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CBI चार्जशीट में बड़ा खुलासा, ऑटो ड्राइवर लखन वर्मा व राहुल वर्मा ने जज उत्तम आनंद को जान बूझकर धक्का मारा

CBI चार्जशीट में बड़ा खुलासा, ऑटो ड्राइवर लखन वर्मा व राहुल वर्मा ने जज उत्तम आनंद को जान बूझकर धक्का मारा

जज उत्तम आनंद डेथ केस में सीबीआई ने ऑटो ड्राइवर लखन वर्मा  व उसके सहयोगी राहुल वर्मा  को लेकर सनसनीखेज खुलासा किया है.

जज उत्तम आनंद डेथ केस में सीबीआई ने ऑटो ड्राइवर लखन वर्मा व उसके सहयोगी राहुल वर्मा को लेकर सनसनीखेज खुलासा किया है.

Dhanbad judge Death Case: सीबीआई का दावा है कि ऑटो चालक का पूरा नियंत्रण अपने ऑटो पर था. 28 जुलाई की सुबह 5 बजे जब जज को ऑटो के टक्कर मारा गया उस वक्त रणधीर वर्मा चौक मार्ग पूरी तरह से सुनसान था. कोई ट्रैफिक भी नहीं थी इसलिए ऑटो को अचानक बायीं ओर मोड़ने का कोई कारण नहीं था. धक्का मारने के बाद भी ऑटो की गति 23 किलोमीटर प्रति घंटे से कम नहीं हुई जो एक साधारण व्यक्ति के स्वभाव के विपरीत है.

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    रिपोर्ट- संजय गुप्ता
    धनबाद. जज उत्तम आनंद हत्या मामले (Dhanbad judge Death Case) में बड़ा खुलासा हुआ है. इसके तहत सीबीआई की चार्जशीट (CBI Chargesheet) में यह बात सामने आई है कि ऑटो ड्राइवर लखन वर्मा और सहयोगी राहुल वर्मा (Auto driver Lakhan Verma and associate Rahul Verma) ने ही हत्या के इरादे से जज को ऑटो से टक्कर मारी थी. सीबीआई की कोर्ट में दाखिल चार्जशीट के अनुसार जिला सत्र न्यायाधीश उत्तम आनंद को जानबूझकर ऑटो चालक लखन वर्मा तथा सहयोगी राहुल वर्मा ने धक्का मारा था जिससे कि जज की मौत हो जाए. बीआई जज हत्या मामले की जांच के लगभग 78 दिन बाद यह बात कही है. सीबीआई ने 40 पृष्ठों में यह चार्जशीट दाखिल की है.

    सीबीआई का दावा है कि ऑटो चालक का पूरा नियंत्रण अपने ऑटो पर था. 28 जुलाई की सुबह 5 बजे जब जज को ऑटो के टक्कर मारा गया उस वक्त रणधीर वर्मा चौक मार्ग पूरी तरह से सुनसान था. कोई ट्रैफिक भी नहीं थी इसलिए ऑटो को अचानक बायीं ओर मोड़ने का कोई कारण नहीं था. धक्का मारने के बाद भी ऑटो की गति 23 किलोमीटर प्रति घंटे से कम नहीं हुई जो एक साधारण व्यक्ति के स्वभाव के विपरीत है.

    सीएफएसएल नई दिल्ली के रसायन विभाग की रिपोर्ट में  लखन वर्मा एवं राहुल वर्मा के खून और मूत्र की रासायनिक जांच नेगेटिव थी. दोनों आरोपी नशे में नहीं था.  सीबीआई ने चार्जशीट में बताया है कि फारेंसिक साइकोलाजी एसेसमेंट और पालीग्राफ टेस्ट में भी इस बात की पुष्टि हुई कि दोनों इस अपराध में शामिल थे.

    सीबीआई की चार्जशीट के अनुसार लखन वर्मा ऑटो ड्राइवर 27 जुलाई को ऑटो मालिक के घर से ऑटो को निकाला था, उसके साथ उसका सहयोगी राहुल वर्मा  भी था. दोनों वहां से बलियापुर गया और ऑटो का नंबर प्लेट को हटाकर फेंक दिया. बलियापुर से धनबाद स्टेशन रात को पहुंचा था.  सीबीआइ ने दोनों आरोपित के खिलाफ सामान्य आशय से टक्कर मारकर जज की हत्या करने और सबूत मिटाने के आरोप में चार्जशीट दायर की है.

    बता दें कि बीते 28 जुलाई, 2021 को धनबाद के रणधीर वर्मा चौक के समीप मॉर्निंग वॉक के दौरान जज को ऑटो ने धक्का मार दिया था. इसके बाद उनकी मृत्यु हो गई. धक्का मारने का सीसीटीवी फुटेज के पता चला कि जानबूझकर धक्का मारा गया है. इसके बाद मामले को जांच के लिए झारखंड हाई कोर्ट ने सीबीआई को सौंप दिया.

    जज उत्तम आनंद की मौत की सीबीआई जांच कर रही है. सीबीआई जांच की हर सप्ताह रांची हाई कोर्ट समीक्षा करता है. करीब तीन महीने की जांच के दौरान अब तक साजिश का पता नहीं चल सका है. सीबीआई साजिश का पता लगाने में जुटी है.

    28 जुलाई को जज की मौत के अगले दिन ही ऑटो चालक लखन और राहुल को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था. 90 दिन के अंदर अगर सीबीआई आरोप पत्र दाखिल नहीं करती तो दोनों को जमानत मिल सकती थी. माना जा रहा है कि सीबीआई ने इसी के मद्देनजर धनबाद स्थित विशेष कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल कर दिया है.

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