अपना शहर चुनें

States

धनबाद सहित तमाम जनपदों में धूमधाम से छठव्रतियों ने किया खरना

धनबाद शहर के एक घर में छठव्रता महिला खरना करती हुई
धनबाद शहर के एक घर में छठव्रता महिला खरना करती हुई

'खरना' का प्रसाद खाने के बाद व्रती 36 घंटे का निर्जला उपवास करते हैं. अब छठ व्रती परसों सुबह उदयमान सूर्य को अर्ग देने के बाद छठ का महाप्रसाद खा कर अपने व्रत को पूरा करेंगे.

  • Share this:
झारखंड के कोयलांचल के नाम से प्रसिद्ध   धनबाद में भी छठ महापर्व के दूसरे दिन शाम को छठ व्रतियों ने बड़े धूम-धाम से खरना किया. छठ पर्व के दूसरे दिन सोमवार को कार्तिक शुक्ल पंचमी को व्रतधारी दिन भर का उपवास रखने के बाद शाम को भोजन करते हैं, इसे 'खरना' कहा जाता है. 'खरना' का प्रसाद खाने के बाद व्रती 36 घंटे का निर्जला उपवास करते हैं. अब छठ व्रती परसों सुबह उदयमान सूर्य को अर्ग देने के बाद छठ का महाप्रसाद खा कर अपने व्रत को पूरा करेंगे.

खरना का प्रसाद लेने के लिए आसपास के सभी  लोगों को निमंत्रित किया जाता है. व्रती सभी श्रद्धालुओं को टीका लगा कर आशीर्वाद देते रहे. सभी लोगों को खरना का प्रसाद वितरण किया गया. प्रसाद के रूप में गन्ने के गुड़ से बने हुए चावल की खीर के साथ दूध, चावल का पिट्ठा और घी चुपड़ी रोटी बनाई जाती है. इसमें नमक या चीनी का उपयोग नहीं किया जाता है.

इस दौरान पूरे घर की स्वच्छता का विशेष ध्यान रखा जाता है. कभी बिहार की हिस्सा रहे झारखंड प्रदेश में छठ सबसे बड़ा त्यौहार माना जाता है. रांची से लेकर दुमका, पलामू, लोहारदगा, घाटशिला में आज खरना मनाया गया. गैर प्रांतों में रहने वाले लोग अपनी नौकरियों से छुट्टी लेकर इस मौके पर अपने मूल जनपदों में
पहुंच इस त्यौहार में हर हाल में शरीक होना चाहते हैं.
यह भी पढ़ें - सीएम ने किया तीन घाटों का उद्घाटन, छठ की दी शुभकामनाएं



यह भी देखें - VIDEO: विधायक राज सिन्हा ने छठव्रत के लिए गरीब महिलाओं में बांटी 5000 साड़ी
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज