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धनबाद में कोयला ढुलाई को लेकर सिंह मेंशन और रघुकुल समर्थकों में झड़प, पुलिस ने संभाला मोर्चा

धनबाद में कोयला ढुलाई को लेकर सिंह मेंशन और रघुकुल समर्थकों में झड़प, पुलिस ने संभाला मोर्चा

धनबाद में एक बार फिर सिंह मेंशन और रघुकुल समर्थक आपस में भिड़ गये.

धनबाद में एक बार फिर सिंह मेंशन और रघुकुल समर्थक आपस में भिड़ गये.

Dhanbad News: जमीन के मुआवजे को लेकर रघुकुल समर्थक पिछले 19 दिनों से बीसीसीएल बस्ताकोला एरिया-9 में जीटीएस कंपनी की ढुलाई का काम बाधित कर रखा है. रविवार को सिंह मेंशन समर्थक ट्रांसपोर्टिंग शुरू कराने के लिए कोल डंप पहुंच गए. इसी दौरान दोनों ओर के समर्थक आपस में भिड़ गये.

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    रिपोर्ट- संजय गुप्ता

    धनबाद. धनबाद में एक बार फिर सिंह मेंशन और रघुकुल समर्थक आपस में भिड़ गए. हालांकि पुलिस और सीआईएसएफ की मुश्तैदी के कारण बड़ा टकराव टल गया. दरअसल आदिवासियों को जमीन का हक दिलाने को लेकर रघुकुल समर्थक पिछले 19 दिनों से बीसीसीएल बस्ताकोला एरिया-9 में जीटीएस कंपनी की ढुलाई का काम बाधित कर रखा है. रविवार को सिंह मेंशन समर्थक ट्रांसपोर्टिंग शुरू कराने के लिए कोल डंप पहुंच गए. धरने पर बैठे रघुकुल समर्थक इस बात पर आक्रोशित हो गए. इसके बाद दोनों ओर के समर्थकों के बीच झड़प शुरू हो गई. हालांकि मौके पर तैनात सीआईएसएफ के जवानों ने मामले को शांत कराया.

    झड़प की सूचना पर सिंदरी एसडीपीओ दल-बल के साथ मौके पर पहुंचे. प्रशासन के पहुंचने की सूचना मिलते ही सिंह मेंशन समर्थक मौके से निकल गए. रघुकुल समर्थकों का कहना है कि पिछले 19 दिनों से आदिवासियों के हक की मांगों लेकर वे आंदोलन कर रहे हैं. आज सिंह मेंशन समर्थक जबरन ट्रांसपोर्टिंग शुरू कराने लगे. विरोध करने पर मेंशन समर्थकों के द्वारा मारपीट की गई.

    आंदोलन का नेतृत्व कर रहे रघुकुल समर्थक रामकृष्ण पाठक का कहना है कि करीब 43 आदिवासी परिवारों की जमीन को ऐटीदेव प्रभा आउटसोर्सिंग कंपनी के द्वारा तहस-नहस कर दिया गया है. पीड़ित आदिवासी परिवारों को आजतक जमीन का मुआवजा नहीं मिला. झरिया विधायक पूर्णिमा नीरज सिंह के द्वारा  विधानसभा में भी इस मामले को उठाया गया. मामला विधानसभा में उठाने के बाद सीओ से जमीन की रिपोर्ट विधानसभा में तलब की गई. सीओ के द्वारा दो अलग अलग रिपोर्ट विधानसभा को सौंपी गयी. सीओ ने अपनी एक रिपोर्ट में बताया था कि उक्त जमीन पर कोई आउटसोर्सिंग का काम नहीं चल रहा है, जबकि दूसरी रिपोर्ट में मिट्टी कटाई की बात कही.

    पाठक के मुताबिक दो अलग- अलग रिपोर्ट के आधार पर विधानसभा ने काम बंद कर जांच का आदेश दिया. उसके बावजूद भी ऐटीदेव प्रभा आउटसोर्सिंग कंपनी के द्वारा उत्खनन का कार्य कराया जा रहा है. पाठक ने चेतावनी देते हुए कहा कि जबतक आदिवासियों को उनकी जमीन का मुआवजा नहीं मिलेगा, तब तक यह आंदोलन जारी रहेगा.

    मौके पर पहुंचे सिंदरी एसडीपीओ अभिषेक कुमार ने कहा कि जमीन के मुआवजे को लेकर कुछ लोग आंदोलन कर रहे थे. इस सिलसिले में दो गुटों के बीच हल्की झड़प हुई है. दोनों गुट जनता मजदूर संघ के ही है.

    Tags: Dhanbad news, Jharkhand news

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