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मुक्तिधाम में सुविधाएं तो दूर वहीं डम्प किया जा रहा कचरा

Abhishek Kumar | ETV Bihar/Jharkhand
Updated: December 8, 2017, 3:04 PM IST
मुक्तिधाम में सुविधाएं तो दूर वहीं डम्प किया जा रहा कचरा
मुक्तिधाम में मूलभूत सुविधाएं भी नहीं
Abhishek Kumar | ETV Bihar/Jharkhand
Updated: December 8, 2017, 3:04 PM IST
धनबाद शहर के बीचो बीच स्थित मुक्तिधाम करीब 70 वर्ष पुराना है. लेकिन सुविधाओं के नाम पर यहां कुछ भी नहीं है. साफ सफाई तो दूर यहीं पर नगर निगम कचरा भी डम्प करता है. शमशान घाट के पास सभी तरह की सुविधाएं मौजूद हो इसकी चिंता न तो सरकार को है और न ही जिला प्रशासन को.

शव जलाने के लिए बनाए गए दो भवनों में से एक का चबूतरा टूटा पड़ा है. बिजली से स्वचालित विद्युत शवदाह गृह भी धनबाद में कहीं नही है. वहीं शमशान घाट के पीछे नगर निगम ने शहर का कचरा फेंकने का स्थल बना दिया है. नतीजा शव जलाने के लिए आने वाले मृतक के परिजनों को गंदगी और बदबू से परेशानी उठानी पड़ती है. वहीं देर रात शमशान के पास रोशनी और ठहरने की सुविधा भी नहीं है. ऐसे में जो परिजन शव लेकर अंतिम संस्कार के लिए पहुंचते हैं उन्हें लकड़ी से शव जलाने के लिए घंटों इंतजार करना पड़ता है. इससे शहर में प्रदूषण भी फैल रहा है.

बता दें कि धनबाद नगर निगम क्षेत्र में पांच शमशान घाट हैं. इनमें मोहलबनी, लिलौरी स्थान, मटकुरिया, गौशाला और हिरापुर तेलीपाड़ा शामिल हैं. इनमें मोहलबनी, मटकुरिया और कतरास लिलौरी स्थान पर करीब 12 करोड़ की लागत से विद्युत शवदाह गृह बनाया जाना है. इसका प्रस्ताव नगर निगम ने सरकार को मंजूरी के लिए भेजा है.

धनबाद के नए नगर आयुक्त राजीव रंजन के अनुसार जैसे ही राशि की स्वीकृति मिल जाती है विद्युत शवदाह गृह का निर्माण शुरू कर दिया जाएगा. लोगों को परेशानी नहीं हो इसका विशेष रूप से ध्यान रखा जाएगा.
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