प्रदर्शनी में 'सिंफर' की उपलब्धियों से रोमांचित हो रहे छात्र

Abhishek Kumar | ETV Bihar/Jharkhand
Updated: September 13, 2017, 9:40 PM IST
प्रदर्शनी में 'सिंफर' की उपलब्धियों से रोमांचित हो रहे छात्र
प्रदर्शनी में स्कूल कॉलेज के विज्ञान के छात्रों का लगा तांता
Abhishek Kumar | ETV Bihar/Jharkhand
Updated: September 13, 2017, 9:40 PM IST
देश की प्रसिद्ध वैज्ञानिक संस्थान सिंफर-सीएसआईआर के 75 वर्ष पूरे होने पर प्लैटिनम जुबली मनाई जा रही है. धनबाद में इस अवसर पर सिंफर में पिछले 75 वर्षो में देश के लिए ऊर्जा और खनन के क्षेत्र में क्या शोध किए गए और क्या उपलब्धियां रहीं, इसे बताने के लिए तीन दिवसीय विज्ञान प्रदर्शनी का आयोजन किया गया है. यहां ग्रामीण से लेकर शहरी स्कूलों के बच्चे विज्ञान प्रदर्शनी में शामिल होकर ज्ञान-विज्ञान के देशी तकनीक से रूबरू हो रहे हैं.

बता दें कि धनबाद स्थित देश की प्रसिद्ध वैज्ञानिक संस्थान सिंफर सीएसआईआर ने ऊर्जा और खनन सहित तकनीक की खोज में कई कामयाबियां हासिल की है. पिछले 75 वर्षों में इस संस्थान ने आरएमआर टेक्नॉलजी, कंट्रोल बलास्टिंग, हाईवाल माइनिंग, कोयला से तेल बनाना, माइन्स वाटर को साफ कर पीने योग्य बनाना सहित कई मौलिक खोज की है.

विज्ञान को गांव- गांव तक पहुंचाने के लिए ही सिंफर ने ग्रामीण और शहरी स्कूलों के बच्चों को आमंत्रित किया है. अब तक सात हजार छात्र-छात्राएं इस विज्ञान प्रदर्शनी को देख चुके हैं. छात्रों में भी विज्ञान की रुचि बढ़ने के साथ ही वैज्ञानिक बनने की ललक जगी है. पहली बार सिंफर की प्रयोगशाला में किए गए शोध को देखकर छात्र-छात्राएं रोमांचित नजर आए.

सिंफर के निदेशक डॉ.पीके सिंह ने हाल ही में मेक इन इंडिया को बढ़ावा देने के लिए स्कूल कॉलेज के छात्रों को अपने प्रयोगशाला को देखने और शोध करने के लिए खुला आमंत्रण दिया है. सिंफर का ऊर्जा और खनन के क्षेत्र में औद्यौगिक विकास के लिए नई तकनीक देने के कारण ही इस बार भारत सरकार ने तकनीक पुरस्कार 2017 देने की घोषणा की है. इसे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 23 सितंबर को नई दिल्ली के विज्ञान भवन में सिंफर के निदेशक को देंगे. विज्ञान को लोकप्रिय बनाने के लिए सिंफर के वैज्ञानिक आसपास के स्कूलों में भी इस विषय को पढ़ा रहे हैं.
First published: September 13, 2017
पूरी ख़बर पढ़ें
अगली ख़बर