धनबाद के विशाल की ये डिवाइस रोकेगी गैस लीकेज से होने वाले हादसे, US में देगा प्रस्तुति

धनबाद के कोयला नगर डीएवी स्कूल के आठवीं का छात्र विशाल रंजन द्वारा बनाए गए एलपीजी लीकेज डिटेक्टर से एलपीजी गैस सिलेंडर से होने वाले हादसों पर बहुत हद तक लगाम लग सकता है.

News18 Jharkhand
Updated: December 8, 2018, 10:10 PM IST
धनबाद के विशाल की ये डिवाइस रोकेगी गैस लीकेज से होने वाले हादसे, US में देगा प्रस्तुति
धनबाद - 'नेशनल शोकेस मेक टूमौरो फॉर इनोवेशन जेनेरेशन' की प्रतियोगिता के अंतिम दौर में विशाल रंजन टॉप टेन में चुने गए.
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Updated: December 8, 2018, 10:10 PM IST
एलपीजी गैस सिलेंडर लीक होने के साथ उसका रेगुलेटर स्वतः ही बंद हो जाएगा. हर तीन सेकेंड में इसकी सूचना मोबाइल पर मेसेज अलर्ट के रूप में भी आएगी. यही नहीं घर में लगे बिजली उपकरण के कनेक्शन भी अपने आप ही कट जाएंगे. ऐसा ही एलपीजी लीकेज डिटेक्टर धनबाद के आठवीं कक्षा के छात्र ने बनाई है. अपने इस डिवाइस का राष्ट्रीय स्तर पर लोहा मनवाने के बाद धनबाद का बाल वैज्ञानिक अब अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर अमेरिका में लोहा मनवाने की तैयारी में है.

धनबाद के कोयला नगर डीएवी स्कूल के आठवीं का छात्र विशाल रंजन द्वारा बनाए गए एलपीजी लीकेज डिटेक्टर से एलपीजी गैस सिलेंडर से होने वाले हादसों पर बहुत हद तक लगाम लग सकता है. डिटेक्टर में लगा डिवाइस गैस लीक होने के साथ ही सिलेंडर के रेगुलेटर को बंद कर देता है. साथ ही मेन स्विच के साथ लगे एमसीवी को भी डिवाइस डाउन कर देता है. इससे पूरे घर का बिजली का कनेक्शन कट ऑफ़ हो जाता है. साथ ही घर में रखे एंटी फायर मशीन को सक्रिय कर देता है. यही नहीं डिवाइस के साथ रजिस्टर्ड किए गए मोबाइल नंबर पर हर तीन सेकेंड के अतंराल पर अलर्ट नोटिफिकेशन भेजता रहता है. यहां तक कि अग्निशमन विभाग को भी आपात मेसेज मोबाइल के जरिए भेज देता है.

भारत सरकार के ड्रीम प्रोजेक्ट नीति आयोग 'अटल इनोवेशन मिशन' के तहत तीन से चार दिसंबर को दिल्ली के मानेक शॉ सेंटर में राष्ट्र स्तरीय 'नेशनल शोकेस मेक टूमौरो फॉर इनोवेशन जनरेशन' की प्रतियोगिता के अंतिम दौर में विशाल रंजन टॉप टेन में चुने गए. मई 2019 में यूनाइटेड स्टेट्स ऑफ़ अमेरिका के सेन मैटिओ में होनेवाले 'मेक फेयर' में विशाल शामिल होकर एलपीजी से होने वाले हादसों को रोक पाने में इस डिवाइस की प्रस्तुति देगा.

कंप्यूटर शिक्षक बाल किशोर सिंह ने बताया कि पहले हम रोजगार के लिए भाग दौड़ करते थे. लेकिन अब हम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्किल डेवलपमेंट के तहत काम कर रहे हैं. ऐसे प्रतिभाशीली छात्रों को पढ़ाई के बाद रोजगार के लिए भागदौड़ करने की नौबत नहीं पड़ेगी. वे दूसरों को रोजगार देने में सक्षम बनेंगे. उन्होंने कहा कि विशाल द्वारा बनाए गए डिवाइस की कीमत महज 400 से 500 रुपए है. छात्र की इस उपलब्धि पर स्कूल के प्राचार्य एके पाण्डेय खुद को काफी गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं. प्राचार्य का कहना है कि उन्हें आशा ही नहीं बल्कि पूरा विश्वास है कि विशाल अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भी अपने देश का नाम जरूर रोशन करेगा.

(धनबाद से अभिषेक की रिपोर्ट)

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