वन विभाग की पेंच ने प्रधानमंत्री आवास योजना पर लगाया ग्रहण

वन विभाग ने ना केवल इनके मकान निर्माण को रोका बल्कि इन्हें जमीन छोड़कर दूसरे जगह चले जाने की भी हिदायत दी

Abhishek Kumar | News18 Jharkhand
Updated: April 17, 2018, 11:50 AM IST
वन विभाग की पेंच ने प्रधानमंत्री आवास योजना पर लगाया ग्रहण
पीड़ित परिवार
Abhishek Kumar | News18 Jharkhand
Updated: April 17, 2018, 11:50 AM IST
धनबाद के गोविंदपुर प्रखंड में प्रधानमंत्री आवास योजना का बुरा हाल है. वन विभाग ने चार गरीब परिवारों के मकान निर्माण पर रोक लगा दी है. एनओसी के बावजूद निर्माण नहीं होने दिया जा रहा है.

गोविंदपुर प्रखंड के दुमदुमी गांव के बाउरी टोला में पिछले 60 वर्षों से मधु बाउरी, सुधा बाउरी, सुखु बाउरी और सहदेव बाउरी के परिवार रहते आ रहे हैं. तत्कालीन बिहार सरकार की ओर से इन्हें वन अधिकार पट्टे के आधार पर 3-3 डिसमिल जमीन दिया गया था. उस पर कच्चा मकान बनाकर ये लोग सालों से रहते आ रहे हैं. हाल में इन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ मिला है और उसी के तहत चारों परिवारों के लिए पक्के मकान का निर्माण शुरू हुआ. लेकिन मकान पूरा बन पाता उससे पहले ही वन विभाग ने पेंच फंसा दिया है.

वन विभाग ने ना केवल इनके मकान निर्माण को रोका बल्कि इन्हें जमीन छोड़कर दूसरे जगह चले जाने की भी हिदायत दी. वन विभाग की इस धमकी के बाद इन दलित परिवारों में दहशत का माहौल कायम है. वे पट्टे का कागज लेकर कभी बीडीओ के पास तो कभी सीओ के पास दौड़ते-दौड़ते परेशान हो चुके हैं. वन विभाग के वरीय पदाधिकारियों से भी मिलकर गुहार लगाई, लेकिन वहां से भी राहत नहीं मिली.

इनकी माने तो इन्हें 12 डिसमिल जमीन का वनाधिकार पट्टा लगभग 60 वर्ष पूर्व ही मिल चुका था और उसी के आधार पर इन्हें इंदिरा आवास का भी लाभ लगभग 25 वर्ष पहले मिला था. हाल में जब प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत इन्होंने नए घर बनाने शुरू किए, तो वन विभाग की तरफ से धमकी देते हुए काम को रुकवा दिया गया.

सबसे अहम बात यह कि इन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना की पहली किस्त प्राप्त हो गई है, लेकिन निर्माणकार्य रूक जाने के कारण आगे की राशि नहीं पा मिल रही. जब न्यूज-18 की टीम ने डीडीसी कुलदीप चौधरी ने इस बाबत पूछा तो उन्होंने कहा कि बीडीओ को भेजकर वन अधिकार पट्टे की जांच की जाएगी. साथ ही वन विभाग के वरीय अधिकारियों से बात कर मामले को सुलझाया जाएगा.

 
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