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कोयलांचल का दाग धोने आगे आया वन प्रमंडल, लगाएगा 6200 पेड़

कोयलांचल का दाग धोने आगे आया वन प्रमंडल, लगाएगा 6200 पेड़

गंदगी के मामले में कोयलांचल धनबाद के पूरे देश में अव्वल आने के बाद इसके दाग को धोने के लिए लोगों और संगठनों की मशक्कत शुरू हो गई है.

गंदगी के मामले में कोयलांचल धनबाद के पूरे देश में अव्वल आने के बाद इसके दाग को धोने के लिए लोगों और संगठनों की मशक्कत शुरू हो गई है.

गंदगी के मामले में कोयलांचल धनबाद के पूरे देश में अव्वल आने के बाद इसके दाग को धोने के लिए लोगों और संगठनों की मशक्कत शुरू हो गई है.

गंदगी के मामले में कोयलांचल धनबाद के पूरे देश में अव्वल आने के बाद इसके दाग को धोने के लिए लोगों और संगठनों की मशक्कत शुरू हो गई है. ऐसी ही एक कोशिश धनबाद वन प्रमंडल की ओर से जाहिर की गई.

अमलतास, गुलमोहर के नाम पर हों सड़कें

धनबाद वन प्रमंडल के डीएफओ सौरभ चन्द्रा ने शहर को प्रदूषण मुक्त और हरा-भरा बनाने के लिए नगर निगम प्रबंधन को न सिर्फ एक योजना सुझायी है. बल्कि शहर के कॉलोनी क्षेत्रों में कुछ खास तरह के फल-फूल वाले पेड़-पौधे लगाने और कॉलोनी के सड़क का नाम फूलों की प्रजाति पर ही रखने की सलाह दी है. जैसे अमलतास रोड, कचनार रोड, गुलमोहर रोड आदि. बकौल डीएफओ, इससे लोगों में पेड़-पौधे के प्रति जागरूकता बढ़ेगी.

800 रुपए प्रति पेड़ पर खर्च

डीएफओ ने बताया कि शहर आबो-हवा सुधारने और सौन्दर्यीकरण के लिए वन विभाग की ओर से फिलहाल अलग-अलग प्रजाति के 6,200 पेड़ लगाए जाएंगे.

इन पेड़ों की सुरक्षा के लिए बांस का घेरा भी लगाया जाएगा. बकौल डीएफओ, प्रत्येक पेड़ पर बांस का घेरा सहित 800 रुपया खर्च आएगा.

Tags: Forest department, Jharkhand news

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