Dhanbad News: नीरज सिंह हत्याकांड के आरोपी पूर्व बीजेपी MLA संजीव सिंह को धनबाद से दुमका सेंट्रल जेल किया गया शिफ्ट

पूर्व विधायक संजीव सिंह अपने चचेरे भाई नीरज सिंह की हत्या के मामले में जेल में बंद हैं.

पूर्व विधायक संजीव सिंह अपने चचेरे भाई नीरज सिंह की हत्या के मामले में जेल में बंद हैं.

Dhanbad News: पूर्व बीजेपी विधायक संजीव सिंह पर धनबाद के पूर्व डिप्टी मेयर नीरज सिंह की हत्या की साजिश रचने का आरोप है. इस मामले में वो 2017 से धनबाद जेल में बंद थे.

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धनबाद. पूर्व डिप्टी मेयर नीरज सिंह की हत्या (Neeraj Singh Murder) के मामले में धनबाद जेल में बंद पूर्व बीजेपी विधायक संजीव सिंह (Sanjeev Singh) को कड़ी सुरक्षा के बीच दुमका सेंट्रल जेल (Dumka Central Jail) में शिफ्ट कराया गया. धनबाद जेल प्रशासन ने इसके पीछे सुरक्षा कारणों का हवाला दिया. जेल प्रशासन के मुताबिक, धनबाद जेल में संजीव सिंह की जान को खतरा था. हालांकि पूर्व विधायक के समर्थकों को जेल प्रशासन की यह दलील पच नहीं रही.

स्थानीय बीजेपी नेताओं का आरोप है कि यह सब झरिया से कांग्रेस विधायक पूर्णिमा सिंह के दबाव में किया गया. पूर्णिमा अपने पति नीरज सिंह की हत्या का बदला ले रही हैं. बता दें कि संजीव सिंह पर ही धनबाद के पूर्व डिप्टी मेयर नीरज सिंह की हत्या की साजिश रचने का आरोप है. इस मामले में वो धनबाद जेल में बंद थे. अप्रैल 2017 से संजीव सिंह जेल में बंद हैं.

इससे पहले पिछले साल अक्टूबर में सुरक्षा कारणों का ही हवाला देकर धनबाद जेल से नीरज हत्याकांड के आरोपी शूटर अमन सिंह को रांची के होटवार जेल, शिबू उर्फ सागर को जमशेदपुर के घाघीडीह जेल, सोनू उर्फ कुर्बान को मेदनीनगर जेल, सतीश उर्फ रोहित उर्फ चंदन को दुमका जेल और मास्टरमाइंड पंकज सिंह को हजारीबाग सेंट्रल जेल भेजा गया था. उससे पहले 20 अप्रैल 2017 को पूर्व विधायक संजीव सिंह को भी रांची के होटवार जेल में शिफ्ट किया गया था. हालांकि बाद में कोर्ट के आदेश पर फिर उन्हें वापस धनबाद जेल भेज दिया गया.

इस बीच संजीव सिंह की ओर अदालत में आवेदन देकर उनकी तबीयत खराब होने और बड़े अस्पताल में इलाज कराने की गुहार लगाई है. इस पर मंगलवार को सुनवाई हो सकती है. संजीव सिंह के वकील मो. जावेद ने बताया कि धनबाद जेल प्रशासन के द्वारा जानबूझकर सियासी षड्यंत्र के तहत संजीव सिंह को दुमका शिफ्ट कराया गया है. इसके खिलाफ वो कोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे.
बता दें कि 21 मार्च 2017 को पूर्व डिप्टी मेयर नीरज सिंह की धनबाद में निर्मम हत्या कर दी गई. इस मामले में घटना के कुछ दिन बाद पुलिस ने तत्कालीन झरिया विधायक संजीव सिंह को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था. जेल में रहने के कारण उन्होंने 2019 का विधानसभा चुनाव नहीं लड़ा. भाजपा के टिकट पर उनकी पत्नी रागिनी सिंह झरिया से मैदान में उतरी. उधर, नीरज सिंह की पत्नी पूर्णिमा सिंह को कांग्रेस ने दंगल में उतारा. चुनाव में जीत पूर्णिमा सिंह की हुई. नीरज सिंह और संजीव सिंह आपस में चचेरे भाई थे.
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