Gangs of Wasseypur डॉन फहीम खान की बीवी को सता रहा है जान का डर, हाईकोर्ट से सुरक्षा की गुहार

डॉन फहीम खान की बीवी को जान का डर सता रहा है.

डॉन फहीम खान की बीवी को जान का डर सता रहा है.

Gangs of Wasseypur: डॉन फहीम खान (Don Fahim Khan) फिलहाल जमशेदपुर के घाघीडीह जेल में आजीवन कारावास की सजा काट कर रहा है. इधर, धनबाद में उसके जुर्म के धंधे को उसके गुर्गे चला रहे हैं.

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धनबाद. झारखंड के धनबाद में डॉन फहीम खान (Fahim Khan) के बस नाम से शहर के  लोग कांप जाते हैं. लेकिन अब उनकी बीवी रिजवाना परवीन को खुद की जान का डर सता रहा है. दरअसल फहीम खान फिलहाल जेल में बंद है. इस बीच उनकी पत्नी ने जान की सुरक्षा की गुहार झारखंड हाईकोर्ट (Jharkhand High court) से लगाई है. हाईकोर्ट ने इस मामले में सरकार से जवाब मांगा है.

उम्रकैद की सजा काट रहा फहीम खान

फहीम खान फिलहाल जेल में बंद है, लेकिन उसके नाम से आने वाले एक कॉल से धनबाद के लोग सहम जाते हैं. 'गैंग्स ऑफ वासेपुर' फिल्म में फहीम खान के खौफ के साम्राज्य के बारे में बताया गया है. यह फिल्म काफी हिट भी रही है. फिलहाल वह जमशेदपुर के घाघीडीह जेल में आजीवन कारावास की सजा काट कर रहा है. इधर, धनबाद में उसके जुर्म के धंधे को उसके अपने चला रहे हैं. लेकिन अबतक कइयों की जान लेने वाले डॉन फहीन खान की बीवी को उसके दुश्मन का डर सता रहा है. रिजवाना परवीन ने अपनी जान की सुरक्षा की गुहार झारखंड हाईकोर्ट से लगाई है. हाईकोर्ट ने इस सिलसिले में गृह सचिव से जवाब मांगा है.

कोर्ट ने सरकार से मांगा जवाब
गुरुवार को हाईकोर्ट के जस्टिस आनंद सेन की अदालत में इस मामले में सुनवाई हुई. सुनवाई के बाद कोर्ट ने राज्य सरकार को जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है. कोर्ट ने सरकार पूछा है कि प्रार्थी को अंगरक्षक क्यों नहीं दिया जा रहा है. कोर्ट ने सरकार से अंगरक्षक देने के नियम के बारे में भी पूछा है.

धनबाद पुलिस ने नहीं दिया बॉडीगार्ड

बता दें कि फहीम खान की पत्नी रिजवाना परवीन ने जान का खतरा बताते हुए धनबाद पुलिस से अंगरक्षक की मांग की थी. लेकिन पुलिस द्वारा अंगरक्षक नहीं मुहैया कराने पर परवीन हाईकोर्ट पहुंची और याचिका दाखिल की. याचिका में कहा गया है कि परवीन को कई बार जान से मारने की धमकी मिली है. वह धनबाद में लंबित एक आपराधिक मामले की गवाह भी है. उस पर गवाही नहीं देने के लिए दबाव बनाया जा रहा है. लेकिन धनबाद पुलिस उसकी बात नहीं सुन रही है. प्रार्थी ने कोर्ट से अंगरक्षक मुहैया कराने की गुहार लगाई है. कोर्ट ने सरकार को आठ सप्ताह में इस पर जवाब दाखिल करने को कहा है.
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