जापान की यूरी ने धनबाद के कुमार सुंदरम संग लिए सात फेरे
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जापान की यूरी ने धनबाद के कुमार सुंदरम संग लिए सात फेरे
धनबाद के कुमार सुंदरम ने बुधवार को हिंदू-रीति रिवाज से जापान की यूरी के साथ किया विवाह

जापान की युवती संग सात फेरे लेकर धनबाद (dhanbad) के कुमार सुंदरम ने धर्म, जाति से परे जाकर विवाह (marriage) करके मिसाल कायम की है. कुमार सुंदरम ने जापान (japan)) की युवती यूरी के साथ बुधवार को सात फेरे लिए.

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धनबाद. झारखंड के धनबाद (Dhanbad) जिले के कुमार सुंदरम और जापान (japan) की यूरी दोनों बुधवार को परिणय सूत्र (marriage) में बंध गये. सरायढेला स्थित प्रभु दर्शन अपार्टमेंट में रहने वाले कुमार सुंदरम जापान के टोकियो (Tokyo) में बैंकर्स का जॉब करते हैं. यूरी से उनका संपर्क पिछले कई सालों से है. दोनों में पहले दोस्ती हुई और फिर प्यार हो गया. एक साल दोनों ने एक दूसरे को अच्छे से समझने के बाद विवाह करने का निर्णय लिया. दोनों के परिवार वालों की भी उन्हें सहमति मिली और दोनों की शादी हो गई. विवाह में शामिल होकर कन्यादान करने के लिए यूरी के माता पिता और भाई भी धनबाद पहुंचे.

एग्जीबिशन के दौरान दोनों की हुई थी मुलाकात

यूरी ने बताया कि यह शादी उनके लिए एक सरप्राइज की तरह है. उन्होंने कहा कि धनबाद का माहौल उन्हें अपने होम टाउन की तरह ही लगा है और इस शादी से वह तथा उनका परिवार (family) बेहद खुश है. बता दें कि हिन्दू रीति रिवाज से दोनों का विवाह हुआ. इन्होंने कोर्ट (court) में भी शादी की अर्जी दी है. वहीं कुमार सुंदरम ने बताया कि यूरी इंटेरियर डिजायनर (Interior designer) हैं. एक प्रदर्शनी (exhibition) के दौरान पहली नजर पड़ी और बातें हुईं फिर दोनों दोस्त बन गये. दोस्ती लंबी चली फिर धीरे-धीरे प्यार हो गया .



विवाह में दोनों परिवारों के लोग हुए शामिल
विवाह में दोनों परिवारों के लोग हुए शामिल

जापानी दुल्हन सीख रही भोजपुरी और हिंदी भाषा

कुमार सुंदरम ने बताया कि हम दोनों के बीच भाषा(Language) की असमानता थी. बावजूद इसके यूरी हिंदी के अलावा भोजपुरी (Bhojpuri) भी सिख रही हैं. उन्होंने कहा कि इस विवाह के लिए परिवार के सभी सदस्यों की सहमति की जरूरत थी, इसलिए अपने माता-पिता से बात की साथ ही यूरी के माता-पिता से भी बात की. फिर दोनों ही सहमति बनी, तभी ये विवाह संपन्न हुआ. सुंदरम ने कहा कि यूरी ने जापान गए उनके माता-पिता की अच्छे से देखभाल की और उनके साथ बहुत तरीके से पेश आई.

विवाह से परिवार के लोग काफी खुश

कुमार सुंदरम के पिता जो कि पेशे से BCCL के रिटायर्ड इंजीनियर है और मूल रूप से बिहार के छपरा के रहनेवाले हैं. उन्होंने कहा कि आज के समय में जाति प्रथा दहेज प्रथा समाजिक कुरीतियां एवं धर्म के बंधन को छोड़ना बहुत जरूरी है, इसलिए हमने अपने बेटे को उसके पसंद का जीवनसाथी चुनने की आजादी दी, ताकि वह अपनी जिंदगी जी सके. इस विवाह से परिवार के सभी सदस्य खुश हैं और परिवार के सभी लोग नई बहू के स्वागत के लिए तैयार हैं.

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