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झामुमो विधायक ने किया पूर्व सीएम बाबूलाल मरांडी के घर पर अवैध कब्जा

झारखंड के एक पूर्व मंत्री ने पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी के आवास पर अवैध कब्जा जमा रखा है. हालत यह है कि जेड प्लस सुरक्षा प्राप्त बाबूलाल मरांडी को पार्टी कार्यालय में रहना पड़ रहा है और उनके सुरक्षाकर्मियों को कहीं और रात काटनी पड़ रही है. झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी उग्रवादियों को निशाने पर हैं. इस कारण उन्हें भारत सरकार से जेड प्लस की सुरक्षा मिली हुई है. मरांडी की सुरक्षा में 36 सीआरपीएफ जवान तैनात हैं. बाबूलाल मरांडी राज्य के प्रथम मुख्यमंत्री हैं.

झारखंड के एक पूर्व मंत्री ने पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी के आवास पर अवैध कब्जा जमा रखा है. हालत यह है कि जेड प्लस सुरक्षा प्राप्त बाबूलाल मरांडी को पार्टी कार्यालय में रहना पड़ रहा है और उनके सुरक्षाकर्मियों को कहीं और रात काटनी पड़ रही है. झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी उग्रवादियों को निशाने पर हैं. इस कारण उन्हें भारत सरकार से जेड प्लस की सुरक्षा मिली हुई है. मरांडी की सुरक्षा में 36 सीआरपीएफ जवान तैनात हैं. बाबूलाल मरांडी राज्य के प्रथम मुख्यमंत्री हैं.

झारखंड के एक पूर्व मंत्री ने पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी के आवास पर अवैध कब्जा जमा रखा है. हालत यह है कि जेड प्लस ...अधिक पढ़ें

    झारखंड के एक पूर्व मंत्री ने पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी के आवास पर अवैध कब्जा जमा रखा है. हालत यह है कि जेड प्लस सुरक्षा प्राप्त बाबूलाल मरांडी को पार्टी कार्यालय में रहना पड़ रहा है और उनके सुरक्षाकर्मियों को कहीं और रात काटनी पड़ रही है. झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी उग्रवादियों को निशाने पर हैं. इस कारण उन्हें भारत सरकार से जेड प्लस की सुरक्षा मिली हुई है. मरांडी की सुरक्षा में 36 सीआरपीएफ जवान तैनात हैं. बाबूलाल मरांडी राज्य के प्रथम मुख्यमंत्री हैं.

    राज्य सरकार द्वारा उन्‍हें मोरहाबादी स्थित बीपीडीपी गेस्ट हाउस 22 जनवरी को आवंटित किया गया. इसमें पूर्व मंत्री एवं झामुमो विधायक चंपई सोरेन रहते थे. उन्हें यह आवास खाली करने को कहा गया था, लेकिन अभी तक चंपई सोरेन ने आवास खाली नहीं किया. झाविमो सुप्रीमो बाबूलाल मरांडी के पीएस दौड़ते-दौड़ते थक गए, लेकिन कुछ नहीं हुआ. चंपई सोरेन झामुमो के वरिष्ठ नेता हैं और कई बार मंत्री भी रह चुके हैं एवं वर्तमान में सरायकेला से विधायक हैं.

    ज्ञात हो कि पूर्व मुख्यमंत्री, मंत्री, विधायक के लिए आवास आवंटित करना भवन निर्माण विभाग का काम है. सभी के पद के अनुसार उन्हें आवास आवंटित किया जाता है, लेकिन बाबूलाल मरांडी के मामले में भवन निर्माण विभाग काफी लाचार दिख रहा है. वह सिर्फ पत्र लिख रहा है पर काम कुछ नहीं कर रहा है.

    वहीं, सरकार के मंत्री कहते हैं कि चंपई सोरेन को बाबूलाल मरांडी का सम्मान करना चाहिए. वहीं भवन निर्माण विभाग के सचिव ने कहा है कि यदि आवास खाली नहीं होगा तो अन्य उपाय किए जाएंगे. मोरहाबादी स्थित इस गेस्ट हाउस में पर्याप्त जगह है. सुरक्षाबलों के रहने का स्थान भी है.

     

     

    Tags: Babulal marandi, Encroachment

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