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झारखंड में बाहरी लोगों को नौकरी नहीं करने देंगे-बाबूलाल

बाबूलाल मरांडी ने कहा है कि आने वाले दिनों में वह दो एजेंडे के लिए संघर्ष करेंगे. बाबूलाल मरांडी ने कहा कि विस्थापन और स्थानीयता के मुद्दे पर वह कोई समझौता नहीं करेंगे. झारखंड के लोगों को शिक्षक किरानी और चपरासी भी बनने नहीं दिया जा रहा है. यहां के नौजवानों के लिए वह नियोजन नीति बनाने की मांग को लेकर गांव-गांव का दौरा करेंगे .अब लड़ाई आरपार की होगी. बाहर से नौकरी पाने वालों को गांव में घूसने नहीं दिया जाएगा. बाबूलाल मरांडी ने ये बातें एक निजी अखबार के साथ बातचीत में कही .

बाबूलाल मरांडी ने कहा है कि आने वाले दिनों में वह दो एजेंडे के लिए संघर्ष करेंगे. बाबूलाल मरांडी ने कहा कि विस्थापन और स्थानीयता के मुद्दे पर वह कोई समझौता नहीं करेंगे. झारखंड के लोगों को शिक्षक किरानी और चपरासी भी बनने नहीं दिया जा रहा है. यहां के नौजवानों के लिए वह नियोजन नीति बनाने की मांग को लेकर गांव-गांव का दौरा करेंगे .अब लड़ाई आरपार की होगी. बाहर से नौकरी पाने वालों को गांव में घूसने नहीं दिया जाएगा. बाबूलाल मरांडी ने ये बातें एक निजी अखबार के साथ बातचीत में कही .

बाबूलाल मरांडी ने कहा है कि आने वाले दिनों में वह दो एजेंडे के लिए संघर्ष करेंगे. बाबूलाल मरांडी ने कहा कि विस्थापन और ...अधिक पढ़ें

    बाबूलाल मरांडी ने कहा है कि आने वाले दिनों में वह दो एजेंडे के लिए संघर्ष करेंगे. बाबूलाल मरांडी ने कहा कि विस्थापन और स्थानीयता के मुद्दे पर वह कोई समझौता नहीं करेंगे. झारखंड के लोगों को शिक्षक किरानी और चपरासी भी बनने नहीं दिया जा रहा है. यहां के नौजवानों के लिए वह नियोजन नीति बनाने की मांग को लेकर गांव-गांव का दौरा करेंगे .अब लड़ाई आरपार की होगी. बाहर से नौकरी पाने वालों को गांव में घूसने नहीं दिया जाएगा. बाबूलाल मरांडी ने ये बातें एक निजी अखबार के साथ बातचीत में कही .

    बीजेपी-कांग्रेस नहीं बना सकती स्थानीय नीति

    उन्होंने कहा कि सरकार कोई भी स्पष्ट नीति बनाये. विरोध कट ऑफ डेट को लेकर नहीं है. झारखंड में जो पैदा हुआ है, उसे झारखंडी मान लें. झारखंड के लोगों को उनका हक मिलना चाहिए इसे बाहरी-भीतरी के रूप में नहीं देखना चाहिए, झारखंड में जो भी पला बढ़ा है उसे हक मिलना चाहिए. बाहर के लोग झारखंड आकर यहां के नौजवानों का हक नहीं मार सकते हैं. सरकार स्थानीयता के नाम पर केवल उठक-बैठक करती है. कांग्रेस और भाजवा स्थानीय नीति नहीं बना सकती है. ये दिल्ली के इशारे पर चलने वाली पार्टी है.

    झामुमो का नीयत भी नहीं है साफ

    बाबूलाल मरांडी ने कहा कि झामुमो की नीयत भी साफ नहीं है . झामुमो ने कांग्रेस और भाजपा दोनों के साथ सरकार चलायी. हेमंत सोरेन दो वर्ष तक सीएम रहे, लेकिन कोई नीति नहीं बनाई . श्री मरांडी ने कहा झारखंड झारखंडियों के हाथ से निकल गया है. जिसके लिए झारखंड अलग हुआ, अब लोगों को वही नहीं मिल रहा है .चपरासी, किरानी जैसे पद पर काम नहीं करने दिया जा रहा है.

    Tags: Babulal marandi, BJP, Congress, Hemant soren, Jharkhand news

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