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सिविल सर्जन कार्यालय में प्रमाण पत्र बनाने का गोरखधंधा, झांसे में आए लोग

धनबाद सिविल सर्जन कार्यालय
धनबाद सिविल सर्जन कार्यालय

जिले के सिविल सर्जन कार्यालय में अवैध रूप से प्रमाण पत्र बनाने का गोरखधंधा धड़ल्ले से चल रहा है. प्रमाण पत्र बनाने वाला व्यक्ति कई मजबूर लोगों को अपने झांसे में लेता है और उनसे प्रमाणपत्र बनाने के लिए मोटी रकम ऐंठता है.

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धनबाद जिले के सिविल सर्जन कार्यालय में फर्जी तरीके से सर्टिफिकेट बनाने का गोरखधंधा चल रहा है. कार्यालय में एक मुन्ना नाम के एक आदमी ने स्टॉल लगाई हुई है, जहां वह सभी प्रकार के प्रमाण पत्र चंद रुपयों में बना देता है. इस व्यक्ति ने कई लोगों को अपने झांसे में लिया है और बिना किसी जांच परख के प्रमाणपत्र बना रहा है. सिविल सर्जन कार्यालय के प्रभारी ने इस मामले में जांच के बाद कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है.

जिले के सिविल सर्जन कार्यालय में अवैध रूप से प्रमाण पत्र बनाने का गोरखधंधा धड़ल्ले से चल रहा है. प्रमाण पत्र बनाने वाला मुन्ना कई मजबूर लोगों को अपने झांसे में लेता है और उनसे प्रमाणपत्र बनाने के लिए मोटी रकम ऐंठता है. कुमारधुबी का रहने वाला महेंद्र चौहान भी इस फ्रॉड के चक्कर में फंस गया.

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दोनों पैरो से दिव्यांग महेंद्र को रेलवे में सफर करने के लिए पास बनवाना था. दिव्यांग प्रमाण पत्र बनाने के लिए महेंद्र इस व्यक्ति के पास पहुंचा. महेंद्र प्रमाण पत्र बनाने के लिए करीब 1 सप्ताह पहले पैसे दे चुका है, लेकिन अब प्रमाण पत्र बनाने वाला व्यक्ति मुन्ना उसे नहीं मिल रहा है.
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इसी तरह अनिल नाम का शख्स भी सिविल सर्जन कार्यालय में मेडिकल सर्टिफिकेट बनवाने के लिए गया था. प्रमाण पत्र बनाने वाले ने उससे भी रूपए ले लिए हैं, लेकिन आज तक प्रमाण पत्र नहीं बनाकर दिया. पीड़ितों का कहना है कि मुन्ना की अधिकारियों तक पहुंच है जिससे यह सभी काम फटाफट करवा देता है.

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इस मामले में सिविल सर्जन डॉक्टर जयंत कुमार ने कहा कि अगर कोई इस प्रकार के कार्य में लिप्त है तो उसकी जांच की जाएगी और उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी. अधिकारी मामले में कार्रवाई की बात कहकर अपनी जिम्मेदारी से पीछे हट जाते हैं, लेकिन इस शख्स के झांसे में आ चुके महेंद्र और अनिल जैसे लोगों को अब उसका इंतजार ही करना पड़ेगा.
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