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जिला परिषद अध्यक्ष-उपाध्यक्ष की गाड़ी खरीद को लेकर बोर्ड बैठक में हंगामा

जिला परिषद की हुई बैठक में हंगामे का दृश्य
जिला परिषद की हुई बैठक में हंगामे का दृश्य

धनबाद में जिला परिषद बोर्ड की 6 माह बाद आयोजित बैठक काफी हंगामेदार रही. रोबिन चंद्र गोराई की अध्यक्षता में हुई बैठक में हंगामे की मुख्य वजह जिला पंचायत अध्यक्ष व उपाध्यक्ष के लिए लग्जरी इनोवा कारों की खरीदारी रही.

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धनबाद में जिला परिषद बोर्ड की 6 माह बाद आयोजित बैठक काफी हंगामेदार रही. रोबिन चंद्र गोराई की अध्यक्षता में हुई बैठक में हंगामे की मुख्य वजह जिला पंचायत अध्यक्ष व उपाध्यक्ष के लिए लग्जरी इनोवा कारों की खरीदारी रही. इससे पूर्व जब माया देवी जिला पंचायत अध्यक्ष थी, उस वक्त भी एक लग्जरी गाड़ी की खरीदारी की गई थी और अब  पुनः अध्यक्ष-उपाध्यक्ष के लिए लग्जरी वाहन की खरीदी से जिला पंचायत सदस्यों ने नाराजगी जताई और कहा कि जिन सदस्यों को भी एक-एक एंबुलेंस दिया जाना चाहिए. अस्पतालों में दवाइयां नहीं है. जिला परिषद के कर्मचारियों को देने के लिए वेतन नहीं है और अध्यक्ष- उपाध्यक्ष के ऐशो-आराम के लिए गाड़ी पर गाड़ी खरीद रहे हैं जोकि वह लोग बर्दाश्त नहीं करेंगे.

इसके अलावा जिला पंचायत सदस्यों को 10 -10 लाख रुपये की राशि के योजनाओं की अनुसंशा करने को कहा गया. बैठक में बलियापुर में जर्जर बिजली तार की मरम्मत कार्य नहीं होने, सड़क निर्माण में घटिया सामग्री के इस्तेमाल व धांधली, टुंडी समेत तमाम ग्रामीण इलाकों में विद्युत की लचर व्यवस्था, स्वास्थ्य विभाग के द्वारा विकलांगता प्रमाण पत्र जारी करने व मुख्यमंत्री गंभीर बीमारी योजना के तहत दिए जाने वाली सहयोग की राशि को आवासीय प्रमाण पत्र के अभाव में मिलने में विलंब होने को लेकर सदस्यों ने हंगामा किया. साथ ही सड़क चौड़ीकरण के दौरान बड़ताण्ड  में विस्थापित हुए दुकानदारों को पूजा टॉकीज के निकट जीप की जमीन पर दुकान बनाकर उन्हें पुनर्वासित करने की योजना को भी हरी झंडी दी गई. बैठक में किराया निर्धारण होने तक टेक्सटाइल मार्केट को बंद नहीं करने का निर्णय लिया गया और आगामी 15 दिनों के भीतर किराया निर्धारण के लिए समिति बनाने की बात कही गई.

सदस्य अशोक सिंह की ओर से अध्यक्ष के लिए गाड़ी क्रय पर आपत्ति व्यक्त की गई. उन्होंने कहा कि गाड़ी की खरीद क्रय बोर्ड के नियमों को ताख पर रख हुआ है. इसके लिए बकायदा कोर्ट से संस्तुति कराने के बाद ही खरीद होनी चाहिए मगर ऐसा नहीं हुआ. दूसरी तरफ अध्यक्ष को ही केवल नहीं बल्कि उपाध्यक्ष को भी नियमानुसार गाड़ी मिलनी चाहिए इस मसले पर जिला परिषद के मुख्य कार्यपालक अभियंता सह डीडीसी कुलदीप चौधरी की ओर से यह मंतव्य आया की पूर्व की गाड़ी जिसपर अध्यक्ष चल रहे हैं, वह जर्जर हालत में है अथवा नहीं, इसकी परिवहन विभाग जांच करेगा. परिवहन विभाग की रिपोर्ट के आधार पर ही अध्यक्ष के लिए गाड़ी क्रय करने अथवा नहीं करने पर निर्णय होगा.
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