अति नक्सल प्रभावित क्षेत्र में स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को सिलाई प्रशिक्षण

धनबाद जिला मुख्यालय से करीब 40 किलोमीटर दूर टुंडी प्रखण्ड के अति नक्सल प्रभावित ٖइलाके में मानियाडीह उपायुक्त का काफिला पंहुचा. यहां बुधवार को प्रशिक्षण कार्यक्रम की शुरुआत हुई.

Bibhash Chandra | News18 Jharkhand
Updated: June 13, 2018, 10:43 PM IST
अति नक्सल प्रभावित क्षेत्र में स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को सिलाई प्रशिक्षण
अति नक्सल प्रभावित क्षेत्र में प्रशिक्षण को आईं सिलाई मशीनें
Bibhash Chandra | News18 Jharkhand
Updated: June 13, 2018, 10:43 PM IST
धनबाद जिला मुख्यालय से करीब 40 किलोमीटर दूर टुंडी प्रखण्ड के अति नक्सल प्रभावित ٖइलाके में मानियाडीह उपायुक्त का काफिला पंहुचा. यहां बुधवार को प्रशिक्षण कार्यक्रम की शुरुआत हुई. उपायुक्त ए दोड्डे ने मनियाडीह पंचायत सचिवालय में फीता काट स्वयं सहायता समूह की महिलाओ को आत्मनिर्भर बनाने वाली योजना की शुरूआत की.

इस मौके पर उपायुक्त ने कहा कि सिलाई मशीन बैंक से लोन के माध्यम से इन महिलाओं को उपलब्ध कराई जाएगी जबकि कपड़े भी विभिन्न होलसेलरों से लेकर इन्हें दिया जाएगा. एक माह के प्रशिक्षण कार्यक्रम के बाद इन महिलाओं में सिलाई के गुण आ जाएंगे और स्कूल ड्रेस वितरण में वयाप्त भ्र्ष्टाचार पर पूरी तरह से लगाम लग पाएगा. सरकार की योजना इस वर्ष लगभग 10 करोड़ की राशि स्कूल ड्रेस के फंड में शिक्षा विभाग की तरफ से जिले को दिया जाना है.

इस राशि से जिला प्रशासन  स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को  गुणवत्तापूर्ण कपड़े की खरीदारी कर बच्चों के लिए ड्रेस  सिलाई का काम देगी. नक्सल प्रभावित मनियाडीह समेत गोविंदपुर, बाघमारा, नीरसा और अन्य प्रखंडो में चल रही लगभग 2000 एसएचजी की महिलाएं सिलाई प्रशिक्षण केंद्र में प्रशिक्षित होंगी.  सैकड़ों की संख्या में सखी मंडल की बहनें सिलाई कार्य का प्रशिक्षण प्राप्त कर रही हैं.

उपायुक्त ने अपनी तरफ से पहल करते हुए पिछले दिनों को आर्डिनेशन कमेटी की बैठक में यह निर्णय लिया था कि धनबाद जिले में यह प्रयोग सफल होती है तो इसे सूबे के अन्य जिलों में भी लागू करने की योजना सरकार की है.उपायुक्त ने मीडिया से बात करते हुए बताया कि यह योजना पूरी तरह से पारदर्शी है. स्वयं सहायता समूह की महिलाओं के द्वारा स्कूली बच्चों के ड्रेस सिलाई करने से जहां एक ओर शिक्षा विभाग में चल रहे हैं कमीशन का खेल खत्म हो जाएगा,वहीं बच्चों को उनके नाप का स्कूल ड्रेस उपलब्ध हो पाएगा.
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