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झरिया सीट पर दो दबंग परिवारों में चुनावी दंगल, बहुएं संभालेंगी मोर्चा

News18 Jharkhand
Updated: October 11, 2019, 3:05 PM IST
झरिया सीट पर दो दबंग परिवारों में चुनावी दंगल, बहुएं संभालेंगी मोर्चा
भाजपा से रागिनी सिंह और कांग्रेस से पूर्णिमा सिंह चुनावी दंगल में हो सकती हैं.

झरिया सीट (Jharia Seat) पर तीन दशक से सिंह मेंशन (Singh Mansion) परिवार का कब्जा रहा है. दिवंगत सूर्यदेव सिंह (Surya Dev Singh) यहां से तीन बार विधायक रहे. उनके बाद भाई बच्चा सिंह एक बार विधायक रहे. बाद में सूर्यदेव सिंह की पत्नी कुंती सिंह दो बार यहां की विधायक रहीं. फिलहाल बेटे संजीव सिंह (Sanjeev Singh) यहां के विधायक हैं.

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धनबाद. सूबे में भले ही अभी तक विधानसभा चुनाव (Jharkhand Assembly Election) का ऐलान नहीं हुआ हो, लेकिन झरिया सीट (Jharia Seat) पर इसकी सरगर्मी साफ देखी जा सकती है. इस सीट पर एक ही घराने की दो बहुएं ताल ठोकने की तैयारी में हैं. पहले भाइयों ने एक-दूसरे के खिलाफ सियासी जंग लड़ा. अब बहुएं मोर्चा संभालेंगी. झरिया सीट पर कोयलांचल का सबसे चर्चित घराना सिंह मेंशन (Singh Mansion) का कब्जा रहा है. दिवंगत सूर्यदेव सिंह (Surya Dev Singh) और कुंती सिंह के बाद फिलहाल उनके बेटे संजीव सिंह यहां के विधायक हैं. लेकिन सिंह मेंशन से अलग हुआ परिवार रघुकुल (Raghukul) अब इस सीट पर अपनी दावेदारी पेश कर रहा है.

40 हजार वोट से हारे थे नीरज सिंह

देश में कोयला उत्पादन के लिए मशहूर झरिया सीट पर पिछले तीन दशक से एक ही परिवार, सिंह मेंशन का कब्जा रहा है. साल 2014 में इस सीट पर चचेरे भाइयों ने एक-दूसरे के खिलाफ ताल ठोकी थी. भाजपा के टिकट पर संजीव सिंह और कांग्रेस के टिकट पर नीरज सिंह मैदान में थे. इस चुनाव में नीरज सिंह 40 हजार वोट से हार गए थे.

रागिनी सिंह हो सकती हैं बीजेपी प्रत्याशी

चुनाव के तीन साल बाद 2017 में नीरज सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी गयी. और इस हत्या के आरोप में झरिया विधायक संजीव सिंह पिछले दो साल से जेल में हैं. कानूनी शिकंजे में फंसे संजीव सिंह ने लोकसभा चुनाव के दौरान सीएम रघुवर दास की उपस्थिति में पत्नी रागिनी सिंह को भाजपा में शामिल कराया. जिसके बाद से वह राजनीति में सक्रिय हो गई हैं. पति की अनुपस्थिति में सिंह मेंशन परिवार और झरिया में पार्टी की कमान संभाल रही हैं. न्यूज-18 से एक्सक्लूसिव बातचीत में रागिनी सिंह ने कहा कि पार्टी यदि झरिया विधानसभा सीट से उन्हें टिकट देती है, तो वह पति की जगह पर चुनाव लड़ने के लिए तैयार हैं.

पूर्णिमा सिंह को मिल सकता है कांग्रेस का टिकट 

दूसरी ओर कांग्रेस के टिकट पर नीरज सिंह कि पत्नी पूर्णिमा सिंह चुनावी मैदान में उतरने की तैयार कर रही हैं. दिवंगत नीरज सिंह के छोटे भाई अभिषेक सिंह ने कहा कि उनकी भाभी पूर्णिमा सिंह जल्द ही विधिवत रूप से कांग्रेस में शामिल होंगी. फिलहाल वह जनता के बीच जनसंपर्क अभियान चला रही हैं. रघुकुल का अब सिंह मेंशन से कोई रिश्ता नहीं रह गया है. अब परिवार की लड़ाई सियासी और वैचारिक हो गयी है. यह धर्मयुद्ध है और इसका फैसला जनता करेगी.
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तीन दशक से सिंह मेंशन पर कब्जा 

बता दें कि झरिया विधानसभा सीट पर चुनावी लड़ाई रक्तरंजित रही है. यहां पर सिंह मेंशन को जिनसे चुनौती मिली, उनकी बाद में हत्या हो गई. पहली बार सिंह मेंशन को रामायण निवास परिवार से चुनौती मिली थी. साल 2009 में भाजपा उम्मीदवार कुंती सिंह के खिलाफ कांग्रेस के टिकट पर सुरेश सिंह मैदान में उतरे. लेकिन 2800 मतों से हार गये. तीन साल बाद 2012 में उनकी गोली मारकर हत्या कर दी गयी. 2014 में नीरज सिंह ने सिंह मेंशन को चुनौती दी. 2017 में उनकी भी हत्या हो गई. तीन दशक से इस सीट पर सिंह मेंशन परिवार का कब्जा है. दिवंगत सूर्यदेव सिंह यहां से तीन बार विधायक रहे. उनके बाद भाई बच्चा सिंह एक बार विधायक रहे. बाद में सूर्यदेव सिंह की पत्नी कुंती सिंह दो बार यहां की विधायक रहीं. फिलहाल बेटे संजीव सिंह यहां के विधायक हैं. अब दो बहुएं चुनावी दंगल में आमने-सामने हो सकती हैं.

रिपोर्ट- अभिषेक कुमार

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First published: October 11, 2019, 3:02 PM IST
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