धमकी के बाद दो नक्सलियों को फांसी की सजा देने वाले जज की सुरक्षा बढ़ाई

नक्सली धमकी के बाद दुमका पुलिस प्रशासन द्वारा अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश चतुर्थ मो.तौफीकुल हसन की सुरक्षा बढ़ा दी गई है. 26 सितंबर 2018 को इन जज के द्वारा प्रवीर और सनातन नाम के दो नक्सलियों को पाकुड़ के तत्कालीन एसपी अमरजीत बलिहार हत्याकांड में दोषी करार देते हुए दोनों को फांसी की सजा सुनाई थी.

Pancham kumar jha | News18 Jharkhand
Updated: October 13, 2018, 9:14 PM IST
धमकी के बाद दो नक्सलियों को फांसी की सजा देने वाले जज की सुरक्षा बढ़ाई
एसपी अमरजीत बलिहार हत्याकांड में दोषी पाए नक्सली, जिन्हें फांसी की सजा हुई है
Pancham kumar jha | News18 Jharkhand
Updated: October 13, 2018, 9:14 PM IST
नक्सली धमकी के बाद दुमका पुलिस प्रशासन द्वारा अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश चतुर्थ मो.तौफीकुल हसन की सुरक्षा बढ़ा दी गई है. 26 सितंबर 2018 को इन जज के द्वारा प्रवीर और सनातन नाम के दो नक्सलियों को पाकुड़ के तत्कालीन एसपी अमरजीत बलिहार हत्याकांड में दोषी करार देते हुए दोनों को फांसी की सजा सुनाई थी. इसके विरोध में नक्सली संगठन द्वारा 16 और 17 अक्टूबर को ना केवल बंद बुलाया गया है बल्कि सजा सुनाने वाले जज को जन अदालत लगाकर कार्यवाई की धमकी दी गई है. नक्सली धमकी के बाद जज की सुरक्षा बढ़ा दी गई है.

एसपी भले ही पुख्ता सुरक्षा व्यवस्था का दावा करे लेकिन विश्वस्त सूत्रों की मानें तो जज के द्वारा जिस तरह की सुरक्षा की मांग की गई थी उसमें डीआईजी ने तकनीकी कारणों का हवाला देकर हाथ खड़े कर दिए हैं. जज का पैतृक निवास दूसरे राज्य में हैं जबकि वर्तमान समय में जो सुरक्षा उपलब्ध कराई गई है, वह झारखंड़ राज्य तक ही सीमित हैं. इधर बार एशोसिएशन ने आपात बैठक कर नक्सली धमकी की निंदा की है. एसोसिएशन के अध्यक्ष विजय सिंह ने नक्सलियों से मुख्यधारा में लौटने और न्यायिक प्रक्रिया पर आस्था जताते हुए नक्सली को उच्च न्यायालय में अपील करने की नसीहत दी है.

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