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दुमका सीट पर JVM के चुनाव लड़ने से मुकाबला हुआ त्रिकोणीय, दांव पर BJP और JMM की प्रतिष्ठा

Pancham kumar jha | News18 Jharkhand
Updated: December 12, 2019, 10:56 AM IST
दुमका सीट पर JVM के चुनाव लड़ने से मुकाबला हुआ त्रिकोणीय, दांव पर BJP और JMM की प्रतिष्ठा
दुमका विधान सभा क्षेत्र में कुल 2 लाख, 45 हजार, 293 मतदाता हैं. (File Photo)

वर्तमान सीएम रघुवर दास (Raghuvar Das) और पूर्व सीएम हेमंत सोरेन (Hemant Soren) के लिए दुमका (Dumka) सीट प्रतिष्ठा का है. शुरू से ही भाजपा (BJP) का फोकस संथाल परगना (Santhal Pargana ) पर रहा है. वहीं झामुमो (JMM) को अपनी साख फिर से बहाल करने का एक मौका है, लेकिन झाविमो (JVM) प्रत्याशी के रूप में अंजूला मुर्मू (Anjula Murmu) के मैदान में आने से दुमका का मुकाबला त्रीकोणीय (Triangular contest) हो गया है.

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दुमका. झारखंड विधानसभा चुनाव 2019 (Jharkhand Assembly Eleciton 2019) के तहत दुमका (Dumka) सीट पर भाजपा (BJP) प्रत्याशी लुइस मरांडी (Louis Marandi) और झामुमो (JMM) प्रत्याशी हेमंत सोरेन (Hemant Soren) के बीच सीधा मुकाबला है, लेकिन झाविमो (JVM) प्रत्याशी अंजूला मुर्मू (Anjula Murmu) के मैदान में उतरने से मुकाबला त्रीकोणीय होने के आसार हैं. एक तरफ भाजपा जहां 5 वर्षों के विकास कार्य के आधार पर जनता के बीच जाकर वोट मांग रही है, वहीं झामुमो जल, जंगल और जमीन के मुद्दे पर जनता का आशीर्वाद मांग रही है. इस सबके बीच झाविमो प्रत्याशी को भरोसा है कि विपक्ष में रहकर पार्टी सुप्रीमो बाबूलाल मरांडी के कामकाज के आधार पर उसे जनता का समर्थन मिलेगा.

2014 में झामुमो के गढ़ में सेंधमारी करने में भाजपा सफल रही

झामुमो का गढ़ माने जाने वाले दुमका में भाजपा ने 2014 के चुनाव में लुइस मरांडी को मैदान में उतार कर तत्कालीन सीएम हेमंत सोरेन को पराजित किया था. भाजपा झामुमो के गढ़ में सेंधमारी करने में सफल रही. वर्ष 2019 के लोक सभा चुनाव में झामुमो सुप्रीमो शिबू सोरेन को हराकर भाजपा ने झामुमो के गढ़ को ध्वस्त कर दिया. एक बार फिर लुइस मरांडी और हेमंत सोरेन दोनों आमने सामने हैं. वर्तमान सीएम रघुवर दास और पूर्व सीएम हेमंत सोरेन के लिए यह सीट प्रतिष्ठा का है. शुरू से ही भाजपा का फोकस संथाल परगना पर रहा है. वहीं झामुमो को अपनी साख फिर से बहाल करने का एक मौका है. भाजपा जहां 5 वर्षों के विकास कार्य के आधार पर जनता के बीच जाकर वोट मांग रही है, वहीं झामुमो जल, जंगल, जमीन और वर्तमान सरकार की नाकामी गिनाकर जनता से आशीर्वाद मांग रही है. दोनों ने अपनी अपनी जीत के दावे किए हैं.

झाविमो प्रत्याशी को बाबूलाल मरांडी के कामकाज के आधार पर वोट मिलने की उम्मीद

वर्ष 2014 के चुनाव में भाजपा प्रत्याशी लुइस मरांडी ने तत्कालीन सीएम हेमंत सोरेन को 5262 वोट से पराजित कर विधान सभा पहुंची और कल्याण मंत्री की कुर्सी पर आसीन हुई. उस चुनाव में झाविमो प्रत्याशी बबलू कुमार मुर्मू 4573 वोट लाकर तीसरे स्थान पर रहे थे. इस बार झाविमो ने अंजूला मुर्मू के रूप में एक सशक्त प्रत्याशी को मैदान में उतारा है. इससे दुमका में मुकाबला त्रीकोणीय होने के आसार हैं. अंजूला अपनी जीत को लेकर आश्वस्त है. उनका कहना है कि बाबूलाल मरांडी द्वारा किए गए काम के आधार पर उन्हें जनता का समर्थन मिल रहा है.

दुमका की जनता किसके सर विजयश्री का ताज पहनाती है यह तो 23 दिसंबर को पता चलेगा. फिलहाल सभी प्रत्याशी मैदान में जमकर पसीना बहा रहे हैं. इतना तय माना जा रह है कि झाविमो प्रत्याशी के रूप में अंजूला मुर्मू के मैदान में आने से दुमका का मुकाबला त्रीकोणीय हो गया है.

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First published: December 12, 2019, 10:56 AM IST
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