Jharkhand Election Result 2019: दुमका से बीजेपी प्रत्याशी सुनील सोरेन बोले- फैसला हो चुका है, औपचारिक घोषणा बाकी

सुनील सोरेन ने कहा कि फैसला हो चुका है, सिर्फ औपचारिक घोषणा बाकी है. दोपहर तक नतीजा साफ हो जाएगा. जनता की रुझान बीजेपी की ओर रही है.

News18 Jharkhand
Updated: May 23, 2019, 9:11 AM IST
Jharkhand Election Result 2019: दुमका से बीजेपी प्रत्याशी सुनील सोरेन बोले- फैसला हो चुका है, औपचारिक घोषणा बाकी
बीजेपी प्रत्याशी सुनील सोरेन
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Updated: May 23, 2019, 9:11 AM IST
दुमका लोकसभा सीट से बीजेपी प्रत्याशी सुनील सोरेन ने दावा किया है कि उनकी जीत पक्की है. दुमका में पॉलिटेक्निक कॉलेज स्थित मतगणना स्थल पर पहुंचने का बाद न्यूज-18 से खास बातचीत में उन्होंने कहा कि फैसला हो चुका है, सिर्फ औपचारिक घोषणा बाकी है. दोपहर तक नतीजा साफ हो जाएगा. जनता की रुझान बीजेपी की ओर रही है. दुमका सीट पर सुनील सोरेन का मुकाबला जेएममएम अध्यक्ष और दिग्गज नेता शिबू सोरेन से है. शिबू सोरेन यहां से लगातार जीतते रहे हैं. पिछली बार मोदी लहर में भी शिबू सोरेन ने दुमका में सुनील सोरेन का हराया था.

झारखंड के 14 लोकसभा सीटों में से एक दुमका लोकसभा सीट काफी अहम है. इस सीट से झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री शिबू सोरेन और बाबूलाल मरांडी सांसद रह चुके हैं. दुमका लोकसभा सीट अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित है. यहां से झामुमो ने शिबू सोरेन तो बीजेपी ने सुनील सोरेन को मैदान में उतारा है.



दुमका लोकसभा सीट पर झामुमो प्रमुख शिबू सोरेन 8 बार चुनाव जीत चुके हैं. झारखंड की राजनीति में सबसे बड़ा आदिवासी चेहरा शिबू सोरेन को दुमका में 1980 और 2014 के बीच सिर्फ दो बार हार हाथ लगी है. 1984 में इंदिरा गांधी की हत्या के बाद कांग्रेस के पक्ष में उपजी सहानुभूति लहर के दाैरान और 1998 में बीजेपी लहर के दाैरान. बाबूलाल मरांडी ने बीजेपी प्रत्याशी के रूप में 1998 के लोकसभा चुनाव में शिबू सोरेन को दुमका में हराया था जबकि 2019 की लड़ाई में वह शिबू सोरेन के साथ खड़े हैं.

शिबू सोरेन तीन बार झारखंड के मुख्यमंत्री रह चुके हैं. पहली बार वो 2005 में 10 दिन (2 मार्च से 12 मार्च) के लिए, फिर दूसरी बार 2008 से 2009 तक और तीसरी बार 2009 से 2010 तक के लिए सीएम के पद पर रहे. वह यूपीए सरकार में केंद्रीय कोयला मंत्री भी रह चुके हैं. 2014 के लोकसभा चुनाव में इस सीट से शिबू सोरेन सातवीं बार जीते थे. उन्होंने बीजेपी के सुनील सोरेन को हराया था. शिबू सोरेन को करीब 3.35 लाख और सुनील सोरेन को 2.96 लाख वोट मिले थे.

वहीं, बीजेपी प्रत्याशी सुनील सोरेन दुमका में तीसरी बार ‘गुरुजी’ को टक्कर दे रहे हैं. इससे पहले वह दुमका में शिबू के सामने 2009 और 2014 के चुनाव में भी टक्कर दे चुके हैं. हालांकि थोड़े मतों के अंतर से हारते रहे. गुरुवार को सुनील सोरेन जीतते हैं तो बाबूलाल मरांडी की तरह एक नए आदिवासी चेहरे का उदय होगा. बाबूलाल मरांडी ने बीजेपी प्रत्याशी के रूप में 1998 में शिबू सोरेन को दुमका में हराया था और वाजपेयी सरकार में वन एवं पर्यावरण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) बनाए गए और 15 नवंबर 2000 को झारखंड राज्य बनने पर बीजेपी ने बाबूलाल मरांडी को मुख्यमंत्री बनाया था.

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