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कृष्ण जन्माष्टमी पर कृष को नसीब हुई मां की गोद, 7 महीने पहले शराब के कारण हो गया था जुदा

कृष्ण जन्माष्टमी पर कृष को नसीब हुई मां की गोद, 7 महीने पहले शराब के कारण हो गया था जुदा

बच्चे के माता-पिता ने भविष्य में शराब का सेवन नहीं करने का संकल्प लिया.

बच्चे के माता-पिता ने भविष्य में शराब का सेवन नहीं करने का संकल्प लिया.

Dumka News: मां ने बताया कि वह फुटबॉल मैच देखने के लिए गयी थी. जहां शराब का सेवन करने के कारण वह अपने एक माह के बालक को वहीं भूल गयी और अकेली घर चली आई.

रिपोर्ट- नितेश कुमार

दुमका. झारखंड के दुमका में बाल कल्याण समिति ने कृष्णाष्टमी के अवसर पर आठ माह के कृष को उसकी मां की गोद में डाल दिया. सात महीने बाद बेटे को गोद में लेते ही जहां मां ने उसे चुम लिया वहीं पिता की आंखें आंसुओं से छलछला गयी. माता-पिता ने समिति के समक्ष कसमें खायी कि भविष्य में वे कभी शराब का सेवन नहीं करेंगे. इससे पहले समिति ने माता-पिता का बयान दर्ज किया.

अपने बयान में मां ने बताया कि वह फुटबॉल मैच देखने के लिए गयी थी. जहां शराब का सेवन करने के कारण वह अपने एक माह के बालक को वहीं भूल गयी और अकेली घर चली आई. पिता ने समिति से कहा कि पत्नी शराब के नशे में नवजात बच्चे को लावारिश हालत में छोड़ कर आ गयी तो इसमें उसकी भी गलती है. दोनों ने कहा कि शराब की वजह से सात माह से उनके कलेजे का टुकड़ा उनसे दूर हो गया. इसलिए वे भविष्य में कभी शराब नहीं पीएंगे.

समिति के अध्यक्ष अमरेन्द्र कुमार ने बताया कि 05 जनवरी 2022 को लगभग एक माह के बालक को काठीकुण्ड पुलिस ने लावारिस हालत में पाने पर दुमका के फूलो झानो मेडिकल कालेज अस्पताल में भर्ती करवाया था. अस्पताल से डिस्चार्ज होने के बाद बच्चे को बाल कल्याण समिति के समक्ष प्रस्तुत किया गया था. समिति ने बालक का नामांकरण कृष किया. बालक को समिति ने विशिष्ट दत्तक ग्रहण संस्थान (एसएए) में रखा गया. एक सप्ताह बाद काठीकुण्ड की एक महिला ने समिति के समक्ष उपस्थित होकर नवजात की मां होने का दावा किया. पर महिला ने अपने बयान में बताया कि उसकी तीन साल की बेटी नवजात को घर से ले जाकर कहीं छोड़ आयी है. महिला के घर और जहां नवजात लावरिश हालत में मिला था, दोनों जगहों में इतनी अधिक दूरी थी कि कोई भी तीन साल की बच्ची एक नवजात को गोद में लेकर वहां तक नहीं जा सकती. इसलिए समिति ने महिला के दावे को अस्वीकार करते हुए चाइल्डलाइन दुमका से सामाजिक जांच प्रतिवेदन मंगवाया. जिसमें सहिया ने बालक के जन्म और अस्पताल में इलाज की जानकारी दी थी. सहिया और आंगनबाड़ी सेविका को सम्मन कर कागजातों के साथ बुलाया गया. इस बीच महिला और उसका पति काम के लिए दूसरे राज्य चले गये.

समिति ने डीसीपीओ से पूरे मामले में भौतिक जांच कर रिपोर्ट मांगा. डीसीपीओ प्रकाश चंद्र ने सहिया और आंगनबाड़ी सेविका के बयान एवं कागजातों के साथ रिपोर्ट सौंपी जिसके आधार पर गुरूवार को समिति ने माता-पिता को बुलाकर सुनवाई पूरी करते हुए बालक को उनके साथ घर भेज दिया.

Tags: Dumka news, Jharkhand news

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