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झारखंड: हत्या मामले में 8 महिलाओं समेत 23 लोगों को आजीवन कारावास

News18 Jharkhand
Updated: December 1, 2019, 11:56 AM IST
झारखंड: हत्या मामले में 8 महिलाओं समेत 23 लोगों को आजीवन कारावास
चतुर्थ अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश देवाशीष महापात्र की अदालत ने 9 साल पुराने हत्या के एक मामले में 8 महिलाओं सहित कुल 23 आरोपियों को दोषी करार देते उम्रकैद की सजा सुनाई.

झारखंड के दुमका में 9 वर्ष पुराने भूमि विवाद (Land Dispute) से जुड़े हत्या (Murder) के एक मामले में अदालत ने 23 लोगों के खिलाफ सजा सुनाई है.

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दुमका. झारखंड के दुमका में 9 वर्ष पुराने भूमि विवाद (Land Dispute) से जुड़े हत्या (Murder) के एक मामले में अदालत ने 23 लोगों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है. चतुर्थ अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश देवाशीष महापात्र की अदालत ने नौ साल पुराने हत्या के एक मामले में आठ महिलाओं सहित कुल 23 आरोपियों को दोषी करार देते हुए शनिवार को उम्रकैद की सजा सुनाई. यह मामला दोनों पक्षों में 16 बीघे खेती के विवाद से जुड़ा हुआ है. इस मामले में 27 नवंबर 2019 को इसी अदालत ने दूसरे पक्ष के भी 23 लोगों को तीन-तीन साल के कारावास की सजा सुनाई थी. गौरतलब है कि 18 नवंबर, 2010 को धान काटने के दौरान हुई मारपीट और हत्या के इस मामले की प्राथमिकी हंसडीहा थाना क्षेत्र के बनवारा गांव के दिलीप कुंवर ने दर्ज कराई थी.

अदालत ने हंसडीहा थाना क्षेत्र के बलवारा गांव के पवन चौधरी, अंचित इस्सर, दीपक राउत, नंदलाल राउत, शिवशरण राउत, ठाकुर देव राउत, अनिरुद्ध राउत, सुदर्शन राउत, वंशराज राउत, काटून राउत, परशुराम राउत, अंग्रेजी राउत, अविनाश राउत, भगलु राउत, नकुल राउत, कांति देवी, दुलारी देवी, कमली देवी, जूली देवी, रीता देवी, कारी देवी, फूलवती देवी और कल्याणी देवी को भारतीय दंड संहिता की धारा 302 और 149 के तहत दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई. साथ ही अदालत ने इन पर एक-एक हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया. आईपीसी की धारा 307 और 149 के तहत भी उन्हें सात साल की कैद की सजा और एक-एक हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई. जुर्माने की रकम अदा न करने पर एक-एक साल का अतिरिक्त कारावास भुगतना पड़ेगा. दोनों सजाएं साथ-साथ चलेंगी.

दुमका- चतुर्थ अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश देवाशीष महापात्र की अदालत ने सुनाया फैसला.


धान काटने के दौरान हुआ था हमला

प्राथमिकी के मुताबिक, 18 नवंबर 2010 को जब पीड़ि‍त पक्ष के लोग अपनी जमीन पर धान काटने के लिए गए हुए थे, तभी उनके गांव के ही दोषियों ने हथियार, रॉड, भाला, फरसा, लाठी और बम से लैस होकर वहां पहुंचे और जबरन धान काटने लगे. नकुल राउत बम चलाने लगा और फायरिंग भी की. सिर पर चोट लगने से गंभीर रूप से घायल सत्यनारायण कुंवर को बेहतर इलाज के लिए सरैयाहाट अस्पताल से दुमका और फिर दुमका से सिउड़ी ले जाया जा रहा था कि रास्ते में उसकी मौत हो गई.

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First published: December 1, 2019, 8:48 AM IST
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