मकर संक्रांति : इस गर्म कुंड में स्नान से चर्म रोग दूर हो जाते हैं

ऐसी मान्यता है कि इस जल से स्नान करने पर चर्म रोग संबंधी समस्या का निदान हो जाता है.

Pancham kumar jha | ETV Bihar/Jharkhand
Updated: January 14, 2018, 1:24 PM IST
मकर संक्रांति : इस गर्म कुंड में स्नान से चर्म रोग दूर हो जाते हैं
मकर संक्रांति के अवसर पर आस्था की डुबकी
Pancham kumar jha | ETV Bihar/Jharkhand
Updated: January 14, 2018, 1:24 PM IST
मकर संक्रांति के मौके पर दुमका जिला के जामा प्रखंड के तातलोई गर्म जलकुंड में काफी संख्या में लोग डुबकी लगाने हर वर्ष आते हैं. यहां साफा होड़ समुदाय के लोग 13 जनवरी को ही पहुंचकर स्नान करने के बाद पूजा अर्चना करते हैं.

जामा प्रखंड के तातलोई स्थित गर्म जलकुंड जिला मुख्यालय से 25 किलोमीटर दूर स्थित है. सालों भर कुंड से गर्म जल निकलते रहता है. यूं तो यहां वर्ष भर लोग आकर कुंड में स्नान करते हैं. लेकिन यहां 13 और 14 जनवरी का नजारा कुछ और ही होता है. दुमका जिला ही नहीं झारखंड तथा सीमावर्ती बिहार के जिलों से लोग यहां स्नान करने आते हैं. ऐसी मान्यता है कि इस जल से स्नान करने पर चर्म रोग संबंधी समस्या का निदान हो जाता है. यह स्थल साफा समुदाय के लोगों के लिए आस्था का केंद्र है.

मकर संक्रांति के अवसर पर 13 जनवरी से ही साफा होड़ यहां पहुंचने लगते हैं. विभिन्न क्षेत्रों से साफा होड़ तथा उनके धर्म गुरू यहां पहुंचते हैं. आस्था की डुबकी लगाने के बाद विधि विधान के साथ भगवान राम की पूजा अर्चना करते हैं. साफा होड़ समुदाय के लोग सफेद वस्त्र धारण करते हैं और सात्विक जीवन व्यतीत करते हैं. पूजा स्थल पर सफेद ध्वज लगाते हैं. धर्म गुरुओं द्वारा पूजा कराई जाती है. पूजा के बाद श्रद्धालु अपने-अपने गुरूओं को दक्षिणा अर्पित करते हैं. गुरुजन समस्त लोगों के लिए सुख, शांति व समृद्धि की कामना करते हैं.

बता दें कि तातलोई की प्रसिद्धि दिन प्रतिदिन बढ़ते जा रही है. लेकिन यहां सुविधाओं की काफी कमी है. यहां आने वाले श्रद्धालुओं को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है. जरूरत है कि सरकार इस स्थल को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करे.
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