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मिलिए झारखंड के ब्लड बैंक मैन से, 2000 से ज्यादा लोगों की बचा चुके हैं जान

मिलिए झारखंड के ब्लड बैंक मैन से, 2000 से ज्यादा लोगों की बचा चुके हैं जान

सौरभ संथालिया ब्लड की आवश्यकता की पूर्ति के लिए दोस्तों और रिस्तेदारों का एक व्हाट्सऐप ग्रुप बना रखा है.

सौरभ संथालिया ब्लड की आवश्यकता की पूर्ति के लिए दोस्तों और रिस्तेदारों का एक व्हाट्सऐप ग्रुप बना रखा है.

Jharkhand News: झारखंड के दुमका में ब्लड बैंक मैन के नाम से चर्चित सौरभ संथालिया अब तक करीब 2300 से भी अधिक जरूरतमंद लोगों को ब्लड उपलब्ध करवा चुके हैं. इस समाजसेवा को लेकर उन्हें कई अवार्ड भी मिल चुके हैं. सौरभ बताते हैं कि कई बार लोग ब्लड की कमी के कारण जान गवां देते हैं. ऐसे में हम सभी को रक्तदान जरूर करना चाहिए.

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रिपोर्ट- नितेश कुमार

दुमका. झारखंड की उपराजधानी दुमका में जरूरतमंदों के जीवन में रक्तदाता सौरभ संथालिया ना सिर्फ उम्मीद की नई रोशनी बिखेर रहे हैं, बल्कि मानवीय संवेदना का संदेश देते हुए दूसरों के लिए प्रेरणास्रोत भी बन रहे हैं. दुमका में ब्लड बैंक मैन के नाम से चर्चित सौरभ संथालिया अब तक करीब 2300 से भी अधिक जरूरतमंद लोगों को ब्लड उपलब्ध करवा चुके हैं. समाजसेवा को लेकर उन्हें कई अवार्ड भी मिल चुके हैं. सौरभ बताते हैं कि कई बार लोग ब्लड की कमी के कारण जान गवां देते हैं. ऐसे में हम सभी को जरूरत पड़ने पर रक्तदान जरूर करना चाहिए.

व्हाट्सएप ग्रुप है कारगर
सौरभ बताते हैं कि जब भी कभी ब्लड की आवश्यकता के लिए उन्हें फोन आता है तो वह अपने व्हाट्सएप ग्रुप के जरिए दोस्त और रिश्तेदारों से बात कर ब्लड की उपलब्ध करवाते हैं. सौरभ ने अपने मोबाइल के कांटेक्ट लिस्ट में सभी के नाम ब्लड ग्रुप के साथ सेव कर रखा है. ऐसे में जब उन्हें ब्लड के लिए कॉल आता है तो वह फौरन कुछ ही मिनटों में ब्लड का इंतजाम कर जरूरतमंद को मुहैया करा देते हैं.

मसलिया के कोलाबगान के रहनेवाले बाबूलाल मुर्मू के सात वर्षीय पुत्र नागेश्वर मुर्मू तथा नौ वर्षीय पुत्री संगीता मुर्मू, दोनों थैलेसीमिया से पीड़ित हैं और दोनों बच्चे का हीमोग्लोबिन काफी कम था. नागेश्वर का जहां चार ग्राम था तो वही संगीता का महज पांच ग्राम था. दोनों बच्चे दुमका सदर अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती थे. ऐसे में  नागेश्वर को ए पॉजिटिव रक्त की जरूरत थी और संगीता को ओ पॉजिटिव रक्त की जरूरत थी. नागेश्वर का पेट भी काफी फूल गया है. दोनों रक्तसमहु जब ब्लड बैंक में उपलब्ध नहीं हुआ, तो इनके परिजन ने सौरभ संथालिया से संपर्क किया और दोनों बच्चों के लिए ब्लड की जरूरत बताई. सौरभ ने दुमका नगर थाना प्रभारी नीतीश कुमार से संपर्क किया. थाना प्रभारी नीतीश कुमार ने तुरंत ब्लड बैंक आकर नागेश्वर के लिए एक यूनिट ए पॉजिटिव ब्लड डोनेट कर बच्चे की जान बचाई. वहीं संगीता के लिए सौरभ संथालिया ने प्रशिक्षु भारतीय वन सेवा के अधिकारी प्रबल गर्ग से संपर्क साधा जिन्होंने तुरंत ब्लड बैंक आकर एक यूनिट ब्लड डोनेट कर संगीता की जान बचाई.

इधर, पीएमएस अस्पताल में भर्ती शिकारीपाड़ा के छह वर्षीय अजय बास्की को एबी पॉजिटिव रक्त की जरूरत थी. अजय का ऑपरेशन होना था. ब्लड बैंक में इस ग्रुप का ब्लड उपलब्ध नहीं होने पर सौरभ संथालिया ने जामा ब्लॉक कॉर्डिनेटर विकास मिश्रा से संपर्क किया. विकास मिश्रा ने अजय बास्की के लिए एबी पॉजिटिव ब्लड डोनेट कर मानवता की मिसाल पेश की.

Tags: Dumka news, Jharkhand news

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