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PHOTOS: मूसलाधार बारिश से गिरने की कगार पर पहुंचा मोतिहारा नदी पुल, साढ़े तीन फीट और धंसा पिलर

PHOTOS: मूसलाधार बारिश से गिरने की कगार पर पहुंचा मोतिहारा नदी पुल, साढ़े तीन फीट और धंसा पिलर

Motihara River Bridge: मोतिहारा नदी पर बना पुल ध्‍वस्‍त होने की कगार पर पहुंच गया है. (न्‍यूज 18 हिन्‍दी)

Motihara River Bridge: मोतिहारा नदी पर बना पुल ध्‍वस्‍त होने की कगार पर पहुंच गया है. (न्‍यूज 18 हिन्‍दी)

Dumka News: दुमका जिले के जामा प्रखंड में मोतिहारा नदी पर बना पुल गिरने की कगार पहुंच चुका है. पुल का एक पिलर कुल मिलाकर 5 फीट तक धंस गया है. यदि तत्‍काल कोई कारगर उपाय नहीं किया गया तो यह पुल मोतिहारा नदी के तेज बहाव में बह सकता है.

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    नितेश कुमार

    दुमका. बंगाल की खाड़ी में मौसमी बदलावों के चलते झारखंड में कुछ दिनों से लगातार बारिश हो रही है. प्रदेश के कुछ इलाकों में मूसलाधार बारिश हो रही है, जिसका व्‍यापक पैमाने पर असर पड़ा है. बारिश का असर दुमका में भी देखने को मिल रहा है. यहां के मोतिहारा नदी पर बने पुल का एक पिलर कुल मिलाकर तकरीबन 5 फीट तक धंस गया है. बीती रात यह तीन से साढ़े तीन फीट तक धंस गया. यह पिलर पहले से ही एक से डेढ़ फीट तक धंसा हुआ था. मोतिहारा नदी के तेज प्रवाह को देखते हुए पुल के भरभरा कर गिरने की आशंका बढ़ गई है. इस पुल पर यातायात के साथ ही पैदल चलना भी खतरनाक हो चुका है.

    जानकारी के अनुसार, दुमका जिले के जामा प्रखंड स्थित बारापलासी-आसनजोर को जोड़ने वाला मोतिहारा नदी पर बना पुल बीती रात और धंस गया है. इसके कभी भी गिरने की आशंका बढ़ गई है. लिहाजा, इस पुल पर दुपहिया वाहन तो दूर पैदल आवाजाही करना भी खतरे से खाली नहीं रह गया है. नदी के तेज बहाव की वजह से पुल कभी भी भरभराकर गिर सकता है. इस पुल को लेकर खतरे का अनुमान इसी बात से लगाया जा सकता है कि इस पुल का पिलर पिछले चार साल से लगभग एक-डेढ़ फीट ही धंसा हुआ था. पर, लेकिन रात की बारिश के बाद यह कुल 5 फीट (तीन से साढ़े तीन फीट अतिरिक्‍त) तक धंस गया है.

    मोतिहारा पु‍ल की हालत ऐसी हो गई है कि इस पर से गुजरना भी खतरनाक को चुका है. (न्‍यूज 18 हिन्‍दी)
     डेढ़ दशक पहले इस पुल का निर्माण ग्रामीण विकास विभाग द्वारा कराया गया था. सात स्पैन के इस पुल का तीसरा स्पैन अक्‍टूबर 2017 में धंस गया था. इस स्पैन के धंस जाने से इसका असर पुल के स्लैब पर दूसरे पाए पर भी पड़ा है. लिहाजा, देर से ही सही अब पुल की मरम्मत कराने के बजाय नवनिर्माण की पहल हुई है. 14 सितंबर को इस प्रोजेक्ट को तकनीकी स्वीकृति मिली है.

    पुल के कभी भी ध्‍वस्‍त होने की आशंका काफी बढ़ गई है. (न्‍यूज 18 हिन्‍दी)
    उल्लेखनीय है कि मोतिहारा पुल के क्षतिग्रस्त हो जाने और उससे तकरीबन 4 साल से आवाजाही प्रभावित है. पुल पर से आवागमन ठप रहने से बारापलासी और उसके आसपास के दो दर्जन गांवों में रहने वाले लोगों के लिए प्रखंड मुख्यालय आने-जाने में परेशानी हो रही है. लोग दोपहिया वाहन लेकर आवाजाही तो कर ले रहे थे, पर अब जो स्थिति है, उसमें लोगों को दोपहिया लेकर गुजरने में तो दूर पैदल आने-जाने में भी रूह कांप जा रही है.

    Tags: Dumka news, Jharkhand weather News

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