दुमका स्टेशन में कोल रैक प्वाइंट बनाये जाने पर NGT ने केन्द्र व राज्य प्रदूषण बोर्ड से मांगी रिपोर्ट

एनजीटी ने 12 जुलाई तक केन्द्र व राज्य प्रदुषण बोर्ड से रिपोर्ट मांगी है.

एनजीटी ने 12 जुलाई तक केन्द्र व राज्य प्रदुषण बोर्ड से रिपोर्ट मांगी है.

Dumka News: शिकायतकर्ता का कहना है कि एक हजार परिवार रेलवे स्टेशन के एक किमी की परिधि में बसे हुए हैं. ऐसे में कोयला रैक प्वाइंट बनने से काफी प्रदूषण फैलेगा और लोगों को सांस संबंधी बीमारी होगी.

  • Share this:

रिपोर्ट- नितेश कुमार

दुमका. झारखण्ड की उपराजधानी दुमका में रेलवे स्टेशन (Dumka Railway Station) पर कोयले की लोडिंग के लिए रैक प्वाइंट बनाये जाने के मामले में शिकायत को नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) ने स्वीकार कर लिया है. मंगलवार 7 जून को इस मामले में ऑनलाइन सुनवाई शुरू हुई, जिसमें एनजीटी ने कहा कि जब रेलवे स्टेशन के एक किमी की परिधि में बड़ी आबादी बसी हुई है, तो कोयले के रैक लोडिंग प्वाइंट कैसे बनाया जाएगा. एनजीटी ने सुनवाई की अगली तारीख 12 जुलाई से पहले केंद्र एवं राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को इस संदर्भ में स्थल का निरीक्षण कर अपनी रिपोर्ट उपलब्ध कराने को कहा है.

बता दें कि दुमका रेलवे स्टेशन के समीप रहने वाले सामाजिक कार्यकर्ता रविशंकर मंडल व कुछ अन्य निवासियों ने कोल रैक प्वाइंट बनाये जाने पर आपत्ति जतायी. इसे आबादी वाले इलाके से दूर करने का आग्रह किया. इनका कहना है कि एक हजार परिवार रेलवे स्टेशन के एक किमी के परिधि में बसे हुए हैं. ऐसे में कोयला रैक प्वाइंट बनने से काफी प्रदूषण फैलेगा और लोगों को सांस संबंधी बीमारी होंगी.

परंतु इस मामले में न तो रेलवे ने काम पर रोक लगायी और न ही इसे आबादी वाले इलाके से दूर करने का प्रयास किया. लिहाजा सामाजिक कार्यकर्ता रविशंकर मंडल ने जिले के उपायुक्त और रेलमंत्री पीयूष गोयल सहित रेलवे के वरीय अधिकारियों को आवेदन दिया. लेकिन बात नहीं बनी. अंत में रविशंकर ने एनजीटी में शिकायत दर्ज कराई. अब उनकी शिकायत पर एनजीटी में सुनवाई शुरू हो गई है.

अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज