झारखंडः गरीब बच्चों के पास नहीं था एंड्रॉयड फोन, तो लाउड स्पीकर से शुरू की ऑनलाइन क्लास
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झारखंडः गरीब बच्चों के पास नहीं था एंड्रॉयड फोन, तो लाउड स्पीकर से शुरू की ऑनलाइन क्लास
लाउड स्पीकर के जरिये पढ़ाई करते बच्चे

Lockdown के बीच झारखंड के दुमका में शिक्षकों ने ऑनलाइन क्लास चलाने का अनोखा विकल्प ढूंढ निकाला. बच्चों के पास एंड्रॉयड फोन न होने के कारण गांव में लाउड स्पीकर (Loud Speaker) रखकर करा रहे पढ़ाई.

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दुमका. कोरोना लॉकडाउन (COVID-19 Lockdown) के दौरान झारखंड के सरकारी विद्यालयों में पढ़ाई सुनिश्चित कराने के उद्देश्य से शिक्षा परियोजना परिषद ने डिजी-साथ (DIGI - SATH) कार्यक्रम की शुरुआत की है. इसके तहत विद्यालय (School) स्तर पर शिक्षक और अभिभावक का वाट्सऐप ग्रुप बनाया गया है, ताकि परिषद द्वारा मुहैया कराए गए कंटेंट को छात्रों (Students) तक पहुंचाया जा सके. लेकिन गरीब अभिभावकों के पास एंड्रॉयड फोन नहीं होने के कारण बच्चे इस ऑनलाइन क्लास (Online Class) का लाभ नहीं ले पा रहे थे. इसको देखते हुए शिक्षकों ने लाउड स्पीकर (Loud Speaker) से पढ़ाना शुरू कर दिया है.

दुमका जिले के सदर प्रखंड के उत्कमित मध्य विद्यालय बनकाठी के शिक्षकों ने अनूठी पहल की है. शिक्षक लाउड स्पीकर के सहारे बच्चों को पढ़ा रहे हैं. जिला मुख्यालय से महज 20 किलोमीटर दूर स्थित खिजुरी गांव में इन दिनों लाउड स्पीकर से क्लास चलती है. इस गांव में 5वीं तक की पढ़ाई
के लिए एक विद्यालय है. माध्यमिक स्तर की पढ़ाई के लिए छात्र उत्कमित मध्य विद्यालय बनकाठी जाते हैं, जो गांव से लगभग तीन किलोमीटर दूर है. लेकिन कोरोना संकट के कारण दो महीने से विद्यालय बंद है. छात्रों की पढ़ाई बाधित होती देख झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद ने डिजी-साथ कार्यक्रम की शुरुआत की. इसके तहत बच्चों की ऑनलाइन पढ़ाई कराई जा रही है.

स्कूल के 246 छात्रों में से मात्र 42 के पास एंड्रॉयड फोन 



उत्कमित मध्य विद्यालय बनकाठी में 246 छात्र नामांकित हैं. इनमें से मात्र 42 छात्रों के घर में ही एंड्रॉयड फोन है. इस स्थिति में डीजी साथ कार्यक्रम शुरू होने के बाबजूद अधिकांश छात्रों की पढ़ाई नहीं हो पा रही थी. लिहाजा विद्यालय के शिक्षकों ने अनूठी पहल की है. शिक्षक गांव के मध्य में किसी उंचे स्थान पर लाउड स्पीकर रखकर क्लास लेते हैं. और बच्चे अपने-अपने के घरों या फिर पेड़ की छांव में बैठकर सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए पढ़ाई करते हैं. परिषद द्वारा भेजे गए कंटेंट को छात्रों को लाउड स्पीकर के जरिये सुनाया जाता है. जिसको सुनकर छात्र पढ़ाई कर रहे हैं.



लाउड स्पीकर से पढ़ाई छात्रों को खूब पसंद आ रही

पढ़ाई का यह तरीका छात्रों को खूब भा रहा है. विद्यालय की 8वीं कक्षा की छात्रा गंगा कुमारी का कहना है कि घर पर बैठे-बैठे मन नहीं लगता था. किताब भी नहीं मिली थी, जो घर पर रहकर पढ़ सकें. इस स्थिति में पढ़ाई का यह तरीका काफी मजेदार है. छात्र राजकुमार महतो का कहना है कि घर में एक एंड्रॉयड फोन है, लेकिन पढ़ने वाले तीन छात्र हैं. इस कारण हमेशा फोन को लेकर तकरार होता था. अब लाउड स्पीकर से पढ़ाई के कारण समस्या का समाधान हो गया.

पठन-पाठन का यह तरीका विद्यालय के सहायक शिक्षक दीपक दुबे की मेहनत का फल है. वह प्रत्येक दिन कड़ी धूप में लाउड स्पीकर लगाने और खोलने में मेहनत करते हैं. उनका कहना है कि डिजी-साथ कार्यक्रम शुरू होने के बाद भी छात्रों की पढ़ाई बाधित हो रही थी. एक तो कम छात्रों के घरों में एंड्रॉयड फोन उपलब्ध था. साथ ही छात्रों की पढ़ाई का मूल्यांकन भी नहीं हो पा रहा था. इसलिए लाउड स्पीकर का विकल्प ढूंढ़ा. अब ना तो छात्रों को कोई परेशानी है और ना ही शिक्षकों को.

 

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First published: May 29, 2020, 7:38 AM IST
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