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दुमका में तीन इनामी नक्सलियों ने पुलिस के सामने किया सरेंडर

News18 Jharkhand
Updated: January 24, 2020, 4:16 PM IST
दुमका में तीन इनामी नक्सलियों ने पुलिस के सामने किया सरेंडर
डीआईजी राज कुमार लकड़ा और एसपी वाई एस रमेश ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि मुख्यधारा से भटके हुए लोग या तो समर्पण करें, नहीं तो उन्हें मार गिराने में पुलिस महकमा सक्षम है.

नक्सली राजेंद्र राय ने बताया कि संगठन के सदस्यों द्वारा ग्रामीण क्षेत्र की नाबालिग लड़की के साथ रेप किया जाता है. लेवी से प्राप्त राशि नक्सली कमांडर बोरी में भरकर ले जाते हैं.

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दुमका. सरकार की सरेंडर नीति से प्रभावित होकर तीन इनामी नक्सलियों (Naxals) ने पुलिस (Police) के सामने आत्मसमर्पण (Surrender) कर दिया. आत्मसमर्पण करने वालों में सब जोनल सदस्य राजेंद्र राय उर्फ गहना राय, सब जोनल सदस्य रिमील दा उर्फ सोकुल दा और दस्ता सदस्य छोटा श्याम लाल देहरी हैं. राजेंद्र और रिमील ने राइफल के साथ, जबकि छोटा श्याम लाल देहरी ने पिस्टल के साथ सरेंडर किया. राजेंद्र पर छह, रिमील पर आठ और श्याम पर सात मामले दर्ज हैं. राजेंद्र और रिमील पर 5-5 लाख और श्याम पर एक लाख रुपया इनाम घोषित था.

मिलेगा समर्पण नीति का लाभ

एसपी ऑफिस सभागार में आयोजित कार्यक्रम में एसएसबी के आईजी संजय कुमार, संताल परगना प्रक्षेत्र का डीआईजी राज कुमार लकड़ा, दुमका डीसी राजेश्वरी बी, एसपी वाई एस रमेश के समक्ष तीनों नक्सलियों ने हथियारों के साथ सरेंडर किया. समर्पण करने पर तीनों नक्सली को एक-एक लाख रुपये नकद दिए गए. छोटा लाल देहरी को कुल 4 लाख 25 हजार रुपये, राजेंद्र राय को 8 लाख 15 हजार रुपये और रिमील को 8 लाख 15 हजार रुपये का लाभ मिलेगा. इसके अलावा तीनों को गृह निर्माण के लिए 4 डिसमिल जमीन और पीएम आवास की राशि के साथ-साथ समर्पण नीति के तमाम लाभ मिलेंगे.

संगठन के कारनामों को किया उजागर 

इस दौरान नक्सली राजेंद्र राय ने नक्सली संगठन के कई काले कारनामों को उजागर किया. उसने बताया कि नक्सलियों ने उसे घर से जबरन उठाया था. विरोध करने पर एक वर्ष तक उसपर निगरानी रखी गयी. अंत में 50 हजार रुपये प्रति महीने देने का प्रलोभन दिया गया, लेकिन आज तक एक भी रुपया नहीं दिया गया. राजेंद्र के मुताबिक संगठन के सदस्यों द्वारा ग्रामीण क्षेत्र की नाबालिग लड़की के साथ रेप किया जाता है. लेवी से प्राप्त राशि विजय दा बोरी में भरकर ले जाते हैं.

समर्पण समारोह में डीसी राजेश्वरी बी ने समर्पण नीति के तहत सरकार द्वारा मिलने वाले लाभ की जानकारी दी. वहीं डीआईजी राज कुमार लकड़ा और एसपी वाई एस रमेश ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि मुख्यधारा से भटके हुए लोग या तो समर्पण करें, नहीं तो उन्हें मार गिराने में पुलिस महकमा सक्षम है. बता दें कि पिछले साल दुमका जिले में 7 नक्सलियों ने समर्पण किया था, जिसका लाभ उन्हें मिल रहा है.

रिपोर्ट- पंचम झाये भी पढ़ें- जेवीएम ने हेमंत सोरेन सरकार से वापस लिया समर्थन, प्रदीप यादव पर भी कार्रवाई

 

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First published: January 24, 2020, 4:16 PM IST
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