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बनाया जा रहा था जानलेवा पुल, ग्रामीणों ने रोका

Ajeet Kumar | News18 Jharkhand
Updated: April 5, 2018, 4:28 PM IST
बनाया जा रहा था जानलेवा पुल, ग्रामीणों ने रोका
पुल का निर्माणकार्य रूका

ग्रामीणों की शिकायत है कि दीवार की जो चुनाई हो रही थी, उसमें सीमेंट और बालू की जगह मिट्टी युक्त बालू का इस्तेमाल हो रहा था

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सरकार द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों को शहर से जोड़ने के लिए सड़क और पुलों का निर्माण करवाया जाता है, मगर सरकारी तंत्र और ठेकेदारों की मिलीभगत से योजनाओं में लूट-खसोट कर राशि की बन्दरबांट कर ली जाती है. गोड्डा में एक ऐसा ही मामला सामने आया है.

गोड्डा के पथरगामा प्रखंड स्थित मसुदनपुर गाँव में लगभग 5 करोड की लागत से पुल का निर्माण कार्य जारी है. आजादी के सत्तर वर्ष बाद इस गांव को यह पुल नसीब हुआ था. ग्रामीणों में इस बात को लेकर खुशी है कि इतने वर्षों बाद गांव से प्रखंड मुख्यालय तक का आवागमन सुचारू हो जायेगा. मगर बुधवार की शाम ग्रामीणों ने पहुंच पथ के लिए बन रहे गार्ड वाल के निर्माण को रुकवा दिया.

ग्रामीणों की शिकायत है कि दीवार की जो चुनाई हो रही थी, उसमें सीमेंट और बालू की जगह मिट्टी युक्त बालू का इस्तेमाल हो रहा था. न्यूज 18 की टीम ने जब मौके का जायजा लिया तो ग्रामीणों के आरोप को सही पाया. गार्डवाल जोड़ने के लिए जो मसाला बनाया गया था, उसमें बालू की जगह मिटटी ही मिटटी नजर आ रही थी.

जीवन के अस्सी वसंत पार कर चुके एक बुजुर्ग पुल की गुणवत्ता और विभागीय कार्यशैली को लेकर चिंतित दिखे और कहा कि आने वाली पीढ़ी इस खतरनाक पूल के शिकार होंगे, क्योंकि जिस हिसाब से पुल को बनाया गया है, वो दुर्घटना को आमंत्रण दे रहा है. पूल खत्म होते ही तीखे मोड़ के साथ पहुँच पथ का निर्माण किया जा रहा, जिसका विरोध होने के बावजूद विभाग चुप्पी साधे हुए है .

ग्रामीण विकास विशेष प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता से जब इस मामले में सवाल किया गया तो उन्होंने चुप रहना ही बेहतर समझा. लेकिन बार अधिकारियों की ये चुप्पी जनता के लिए जानलेवा साबित होती है.

 

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First published: April 5, 2018, 4:26 PM IST
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