• Home
  • »
  • News
  • »
  • jharkhand
  • »
  • इस परिवार का आधार कार्ड बनाने देर रात खुद BDO को पहुंचना पड़ा इनके घर

इस परिवार का आधार कार्ड बनाने देर रात खुद BDO को पहुंचना पड़ा इनके घर

आधार कार्ड का रजिस्ट्रेशन

आधार कार्ड का रजिस्ट्रेशन

कई बार बीडीओ ने दिन के समय पहुंच कर आधार कार्ड बनाने का प्रयास किया, लेकिन परिवार के सदस्य नहीं मिले. ऐसे में बीडीओ सीमा कुमारी ने रात के समय जाकर जंगल में बसे सबर परिवार का आधार कार्ड बनाने का फैसला लिया और पूरी टीम के साथ रात 9 बजे तक आधार कार्ड बनाने का काम किया.

  • Share this:
झारखंड के पूर्वी सिंहभूम जिले में गुडाबांधा पहाड़ी जंगल का इलाका कभी नकसलियों का गढ़ माना जाता था. सरकार के प्रयासों और लोगों के सहयोग से यह क्षेत्र अब नक्सल मुक्त हो चुका है. यहां गुडाबांधा बीडीओ शुक्रवार की रात अपनी टीम के साथ आधार कैम्प लगाने के लिए हडियान के ठुरकूगोडा सबर बस्ती पहुंची और गोम्हा सबर परिवार का आधार कार्ड बनाया.

दरसल दिन के समय गोम्हा सबर परिवार के सदस्य अपने घर पर नहीं रहता है. कई बार बीडीओ ने दिन के समय पहुंच कर आधार कार्ड बनाने का प्रयास किया, लेकिन परिवार के सदस्य नहीं मिले. ऐसे में बीडीओ सीमा कुमारी ने रात के समय जाकर जंगल में बसे सबर परिवार का आधार कार्ड बनाने का फैसला लिया और पूरी टीम के साथ रात 9 बजे तक आधार कार्ड बनाने का काम किया.

नहीं मिल पाता है किसी सरकारी योजना का लाभ-

आधार कार्ड नहीं होने के कारण गोम्हा सबर परिवार सभी सरकारी योजनाओं से वंचित है. परिवार को न तो प्रधानमंत्री आवास मिल पा रहा है और न ही राशन कार्ड.

खुली झोपड़ी मे रहता है सबर परिवार-

गोम्हा सबर ठुरकूगोड़ा में जंगल किनारे अपने परिवार के साथ एक खूली झोपड़ी में रहता है. झोपड़ी मे घास-फूस का छप्पर तो है, लेकिन दिवारें नहीं है. गोम्हा सबर अपनी पत्नी सोनिया सोरेन और चार छोटे बच्चों के साथ इसी झोपड़ी मे जीवन गुजार रहा है. बच्चे ठंड लगने की वजह से बीमार हो गए हैं.

समाज से पूरी तरह कटा हुआ है गोम्हा सबर परिवार-

बीडीओ सीमा कुमारी ने बताया की गोम्हा सबर पूरी तरह से मुख्यधारा से कटा हुआ है. जंगल के सहारे ही परिवार का जीवन-यापन होता है . बच्चे स्कूल भी नहीं जाते, सरकारी अधिकारियों को देखते ही परिवार के सदस्य जंगल में भाग जाते है. बीडीओ ने ठंड से तत्काल राहत के लिए गोम्हा सबर को दो कंबल भी दिए हैं और बच्चों के इलाज का भरोसा दिलाया है .

प्रज्ञा केंद्र संचालक और मुखिया को भी लिया साथ-

बीडीओ सीमा कुमारी ने गोम्हा सबर और उसके परिवार का आधार रजिस्ट्रेशन के लिए प्रज्ञा केंद्र संचालक उमाकांत चौधरी और मुखिया हंबाई बास्के को भी मौके पर बुलवाया. मुखिया हंबाई बास्के ने तत्काल परिवार का ऐड्रेस प्रूफ बनाया, जिससे गोम्हा सबर और उसके परिवार का आधार के लिए रजिस्ट्रेशन हो सका.

यह भी पढ़ें- धनबाद में 460 साइट पर सर्वे का काम पूरा, मोनोलिथिक तकनीक से बनेंगे सस्ते घर

पढ़ें Hindi News ऑनलाइन और देखें Live TV News18 हिंदी की वेबसाइट पर. जानिए देश-विदेश और अपने प्रदेश, बॉलीवुड, खेल जगत, बिज़नेस से जुड़ी News in Hindi.

हमें FacebookTwitter, Instagram और Telegram पर फॉलो करें.

विज्ञापन
विज्ञापन

विज्ञापन

टॉप स्टोरीज